अधिशासी अभियंता (कामर्शियल एवं सामग्री प्रबंधन) 2005 से प्रबंध निदेशक कार्यालय में तैनात है। प्रवीण सिविल इंजीनियर हैं और कई साल से जुगाड़बाजी कर टेंडर आदि का काम देख रहे हैं। अधिशासी अभियंता अशोक कमार सिह 2010 से यहीं तैनात है। इसके अलावा अवर अभियंता अमित कुमार की तैनाती 2006 से तकनीकी अनुभाग में चली आ रही है।
सभी अभियंताओं के मामलों में सीएम योगी आदित्यानाथ से लेकर यूपीपीसीएल चेयरमैन तक कार्रवाई के आदेश कर चुके हैं लेकिन सिंडिकेट शासन से आने वाले पत्रों को ही एमडी तक ही नहीं पहुंचने देता है। इस मामले में निदेशक कार्मिक की भूमिका भी सवाल उठ रहे हैं।
ये हैं स्थानांतरण के नियम
- समूह क व ख के ऐसे अधिकारी जो तीन साल किसी एक पद पर कार्यकाल पूरा कर चुुके हैं, इन्हें स्थानांतरित किया जाएगा
- समूह क व ख के ऐसे अधिकारी जो डिस्कॉम में 15 साल पूर्ण कर चुके हैं, उनका संबंधित डिस्कॉम से अन्यत्र तबादला किया जाएगा
- समूह क व ख के अधिकारी जो किसी खंड, मंडल और जोन में 3, 5 व 7 साल पूरे कर चुके हैं, उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा
मुझे कोई पत्र नहीं मिला
इस तरह का पत्र मुझे नहीं मिला है। 15 साल से एक ही जगह तैनात अभियंताओं का तबादला यूपीपीसीएल स्तर से किया जाता है। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी, पीवीवीएनएल