मेरठ में पिछले दिनों उद्यमी और भाजपा महानगर मंत्री अरविंद गुप्ता ने जिला उद्योग केंद्र में शिकायत की थी कि जिला पूर्ति, एसडीएम, एनएचएआई, आवास-विकास, नगर निगम और एमडीए जैसे मुख्य विभाग निवेश मित्र पोर्टल पर उपलब्ध ही नहीं हैं। ऐसे में उद्यमी को इन विभागों से अनुमति लेने के लिए क्या करना होगा? जिला उद्योग केंद्र द्वारा इसका जवाब नहीं दिया गया है।
क्या करें उद्यमी, नहीं मिला जवाब
जिला उद्योग केंद्र के डीआईसी वीके कौशल ने इस सवाल को मुख्यालय कानपुर भेजकर गाइडलाइन मांगी मगर वहां से भी जवाब नहीं मिला। उद्यमी भी परेशान हैं कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता वे उद्योग कैसे स्थापित करें। उद्यमियों को नक्शा पास कराने व खाद्य आपूर्ति विभाग, आवास विकास सभी की अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
जमीन के लिए भटक रहे निवेशक
जिले में निवेशकों ने इंवेस्टर्स समिट के दौरान खासे निवेश के लिए एमओयू साइन किए थे। मगर अधिकांश निवेशक जमीन न मिलने के कारण हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। पसवाड़ा पेपर मिल का 400 करोड़ रुपये का निवेश जमीन के एक छोटे से टुकड़े के कारण रुका है। वहीं अन्य निवेशकों को भी प्रशासन विस्तारीकरण के लिए जमीन नहीं दिला पाया है।