अभी यह रिसर्च तो की जा रही है कि कोरोना वायरस बच्चों को किस हद तक प्रभावित करता है, लेकिन मेरठ में एक साथ आठ बच्चियां कोरोना संक्रमित पाई गई हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। इनकी उम्र महज तीन से आठ साल है। यह सभी जैदी फार्म के रहने वाले एक ही परिवार की बच्चियां हैं। इन्हें मुलायम सिंह यादव मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यानि कोरोना बेरहम है, यह उम्र देखकर शिकार नहीं करता। मेरठ में अब तक दो दिन के नवजात से लेकर आठ साल तक के 14 बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।
नजर नहीं आ रहे लक्षण
कोरोना वायरस मेरठ में नौ लोगों की जान ले चुका है, लेकिन अभी तक राहत की बात ये थी कि इस वायरस ने बच्चों को अपना शिकार नहीं बनाया था, मगर अब बच्चे भी चपेट में आने लगे हैं। एक वजह यह भी है कि अभी तक उन्हीं लोगों का टेस्ट किया जा रहा है, जिनमें कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं या जो मरीज़ों के संपर्क वाले हैं। इनमें बच्चों की संख्या बहुत ही कम या यूं कहें कि ना के बराबर है। हो सकता है बच्चों में भी ये संक्रमण हो, लेकिन अभी उसके लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। जो बच्चे मिले हैं उनमें आधे से ज्यादा बच्चों में संक्रमण नजर नहीं आ रहे हैं। दो तो नवजात हैं।
दो नवजातों की मां पॉजिटिव थी
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि ये नवजात गर्भ से ही संक्रमित थे या पैदा होने के बाद संक्रमित हुए। दोनों ही केस में नवजातों की मां कोरोना पॉजिटिव थीं। कोविड-19 अस्पताल के प्रभारी डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया कि कोरोना आम तौर से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है, चूंकि वयस्क लोगों का ही बाहर आना-जाना, घूमना-फिरना और लोगों से मिलना ज्यादा होता है लिहाजा इस वायरस का शिकार भी वही ज्यादा होते हैं। अब लगभग सभी लोग अपने-अपने घरों में हैं और बच्चों के साथ समय बिता रहे हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित है तो बच्चों में भी कोरोना संक्रमण देखने को मिल रहा है।