फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेड जोन के हिसाब से तय होंगी परीक्षाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी की तरफ से विश्वविद्यालयों को जुलाई में परीक्षा कराने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट है कि जहां पर हालात ठीक हैं वे विश्वविद्यालय पहले भी परीक्षा करा सकते हैं। ऐसे में छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इस बारे में विवि प्रशासन का कहना है कि परीक्षाएं कोरोना के रेड जोन के हिसाब से होंगी। तीन मई के बाद ही इसको लेकर स्पष्ट हो पाएगा। ऐसे में छात्र-छात्राएं तीन मई को लॉकडाउन खुलने का इंतजार करें।
विज्ञापन

सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में बीती 22 फरवरी से रेग्युलर में बीए-बीकॉम और बीएससी तथा प्राइवेट में बीए-बीकॉम, एमए-एमकॉम की परीक्षाएं शुरू हुईं थीं। इन परीक्षाओं के लिए तीन लाख 70 हजार छात्र-छात्राओं ने फार्म भरे थे। तीन पालियों में चल रहीं परीक्षाएं 27 अप्रैल तक खत्म होनी थीं। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन हो जाने पर 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। इससे 90 पालियों से अधिक के पेपर बचे हैं। विवि कितना भी कुछ करे, लेकिन एक महीने से पहले इन परीक्षाओं को खत्म नहीं कराया जा सकता है। तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की परीक्षा पूरी कराना बड़ी चुनौती है। अब सारा निर्णय प्रदेश सरकार के ऊपर है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जहां पर रेड जोन है वहां तो परीक्षा के लिए हरी झंडी मिलना ही संभव नहीं है। जब तक ये जिले ग्रीन जोन में नहीं आएंगे तब तक परीक्षा कराना मुश्किल है।
रेड जोन में मेरठ-सहारनपुर मंडल
सीसीएसयू का कार्य क्षेत्र मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में है। ऐसे में यहां परीक्षा इसलिए भी संभव नहीं लग रही हैं क्योंकि मेरठ, सहारनपुर, गौतमबुद्घनगर और गाजियाबाद का बुरा हाल है। दूसरे जिलों में भी कोरोना संक्रमण के केस मिल रहे हैं। ऐसे में सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा का प्रशासन का कहना है कि परीक्षा का निर्णय तीन मई को लॉकडाउन खुलने के बाद ही लिया जा सकता है। शासन जो निर्देश देगा उनका पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें