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बी सर्टिफिकेट के लिए कैडेट्स को अब देनी होगी परीक्षा

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लावड़ स्थित राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में एनसीसी कैडे्टस के चयन के लिए परीक्षा देते छात्र-छात्राएं। - फोटो : LAWARD
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दौराला। कॉलेज में एनसीसी लेने वाले छात्र-छात्रा अब आसानी से एनसीसी कैडेट्स नहीं बन सकेंगे। इसके लिए उन्हें पुलिस व आर्मी की तरह शारीरिक परीक्षा के साथ-साथ एनसीसी विभाग की ओर से कराई जाने वाली लिखित परीक्षा भी पास करनी होगी। यदि दोनों में से एक भी परीक्षा में छात्र-छात्राएं फेल होते हैं तो वे एनसीसी ज्वाइन नहीं कर सकेंगे।
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यह थी पहली व्यवस्था
देहात क्षेत्र में खुले कॉलेजों में कुछ ही कॉलेज में एनसीसी ज्वाइन करने की व्यवस्था थी। एनसीसी ज्वाइन करने के लिए छात्र-छात्राओं को शारीरिक परीक्षा देनी होती थी। जिसके अंर्तगत छात्र की लंबाई 5.5 व छात्रा की लंबाई 5 फीट अनिवार्य थी। साथ ही दौड़ में भी पास होना पड़ता था। दोनों परीक्षाओं में पास होने के बाद अभ्यर्थियों को एनसीसी में चयन कर लिया जाता था। हालांकि बी सर्टिफिकेट की परीक्षा में अधिकतर अभ्यर्थी फेल हो जाते थे।
यह लागू की नई व्यवस्था
बी सर्टिफिकेट में अधिकतर अभ्यर्थियों के फेल हो जाने के कारण एनसीसी विभाग ने एनसीसी ज्वाइन करने वाले छात्र-छात्राओं को चयनित करने से पहले ही परीक्षा कराने का निर्णय किया है। यह व्यवस्था पिछले वर्ष लागू की गई थी, लेकिन इस वर्ष इसे अमल में लाया गया है। सोमवार को एनसीसी कैडेट़स को चयनित करने के लिए परीक्षा आयोजित की गई। लावड़ स्थित राष्ट्रीय इंटर कॉलेज से 60 छात्र व 15 छात्राओं ने एनसीसी के लिए आवेदन किया था। परीक्षा के दौरान 47 छात्र व 13 छात्राएं परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा लेने के लिए एनसीसी विभाग से ही अधिकारी पहुंचे। 10 बजे परीक्षा आयोजित की गई और 11 बजे परीक्षा खत्म होने के बाद पेपर लेकर अधिकारी लौट गए। परीक्षा का परिणाम आने के बाद ही छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा।
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एक साथ आयोजित हुई परीक्षा
दौराला-लावड़ के साथ-साथ अन्य कस्बों के कॉलेजों में भी सोमवार को परीक्षा आयोजित की गई। कड़ी सुरक्षा में परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान कॉलेज के शिक्षकों को दूर रखा गया।
एनसीसी विभाग द्वारा लागू किया गया यह नियम सही है। बहुत से कैडे्टस बाद में बी सर्टिफिकेट के लिए होने वाली परीक्षा में फेल हो जाते थे। उन पर विभाग सालभर मेहनत करता था, लेकिन बाद में परीक्षा में फेल हो जाने के कारण विभाग को कैडेट्स को खोना पड़ता था। साथ ही उन पर खर्च होने वाला धन भी बर्बाद हो जाता था। अब कैडेट्स के चयन के लिए आयोजित की गई परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थी ही एनसीसी ज्वाइन कर सकेंगे। -देवेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य राष्ट्रीय इंटर कॉलेज लावड़
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