यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों में लापरवाही बरती गई है। कई परीक्षा केंद्र नियमों के विपरीत 25 से 30 किलोमीटर दूर बना दिए गए हैं। जबकि नियमानुसार विद्यालय से पांच से 10 किलोमीटर के दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाया जाना चाहिए। इसका विरोध हो रहा है। इस पर आपत्तियां दाखिल की जाएंगी।
अभी तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों के हिसाब से परीक्षितगढ़ के समसपुर स्थित आरडी इंटर कॉलेज के विद्यार्थी मेरठ शहर के विद्यालयों में परीक्षा देने आएंगे। इसी तरह करनावल का आत्म सेवानंद इंटर कॉलेज का सेंटर शहर के विद्यालयों में बनाया गया है। वहीं सीएबी इंटर कॉलेज फतेहपुर नारायण के विद्यार्थियों का सेंटर माछरा में लगाया गया है। इन तीनों ही विद्यालयों के सेंटर 25-30 किलोमीटर के दायरे में हैं। इनके अलावा भी आधा दर्जन से ज्यादा विद्यालय और हैं, जिनके परीक्षा केंद्र नियम विपरीत बनाए गए हैं। नियम यह है कि बालकों के परीक्षा केंद्र 5 से 10 किलोमीटर और बालिकाओं के परीक्षा केंद्र यथासंभव पांच किलोमीटर के दायरे ही रहने चाहिए।
यूपी बोर्ड के तहत 2020 में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए जिले के 105 स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मेरठ में 406 विद्यालय हैं, जिनमें 43 राजकीय, 133 सहायता प्राप्त और 230 स्ववित्त पोषित हैं। इनमें से सात राजकीय, 84 सहायता प्राप्त और 14 वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इनमें 86665 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसमें हाईस्कूल के 43423 और इंटरमीडिएट के 43242 परीक्षार्थी। इस बार परीक्षाएं 18 फरवरी से छह मार्च 2020 तक चलेंगी।
प्रधानाचार्य दाखिल करें आपत्ति
ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की वजह से ऐसा हुआ होगा। नियमों का पालन कराया जाएगा। जो परीक्षा केंद्र नियम विपरीत बनाए गए हैं, उनके प्रधानाचार्य 14 नवंबर तक आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। सुधार होगा। आपत्ति डीआईओएस कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। प्रधानाचार्यों को ई-मेल और व्हाट्सएप से भी सूचना भेजी गई है।- गिरजेश चौधरी, डीआईओएस