जांच पड़ताल और गोपनीय साक्ष्य जुटाने में एटीएस के साथ अन्य जांच एजेंसी भी काम कर रही थी। जांच में सामने आया है कि सौरभ व्हाट्सएप और इंटरनेट कॉल के माध्यम से जासूसी कर रहा था। 15 दिन पहले भी एटीएस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद से लगातार एटीएस सुबूत जुटाने में लगी थी और साक्ष्य जुटाने के बाद उस पर शिकंजा कस दिया।
वहीं, एटीएस ने आरोपी सौरभ के बैंक खातों की जांच पड़ताल भी शुरू कर दी है। एटीएस की टीम जब उसके गांव में पहुंची तो परिवार और गांव के लोगों को यह भनक तक नहीं लगी कि यह टीम एटीएस की है और उसके साथ एक जांच एजेंसी के अधिकारी भी शामिल थे।
गांव में विरोध न हो इसलिए परिवार और आसपास के लोगों से बताया गया कि सौरभ का पत्नी से विवाद है, जिसे पूछताछ के लिए बहादुरगढ़ थाने ले जाया जाएगा। पूर्व सैनिक सौरभ के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन और मेमोरी कार्ड बरामद किए हैं, जिनकी गहनता से जांच चल रही है। बताया गया कि मोबाइल से अहम साक्ष्य मिले हैं।