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रिटायर्ड जेसीओ मोहिंदर सिंह ने पीएम राहत कोष में दिए 15.11 लाख रुपये, वैज्ञानिक और कर्मचारी भी आए आगे

Thu, 09 Apr 2020 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पूर्व जेसीओ सरदार मोहिंदर सिंह - फोटो : amar ujala
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कोविड-19 से बचाने के लिए जहां कोरोना योद्धा दिन-रात लगे हुए हैं। वहीं, दान देने वाले भी लगातार आगे आ रहे हैं। बुधवार को इस कड़ी में तोपखाना निवासी पूर्व जेसीओ सरदार मोहिंदर सिंह का नाम भी शामिल हो गया। उन्होंने अपनी पेंशन से बचाई रकम से 15 लाख 11 हजार रुपये पीएम केयर्स फंड को डोनेट किए।
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अपनी पत्नी सुमन चौधरी के साथ बेगमपुल स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा पहुंचे मोहिंदर सिंह ने बैंक मैनेजर नलिन कुमार को चेक सौंपा। इस दौरान मोहिंदर ने बताया कि पाकिस्तान के साथ 1971 की लड़ाई में उनकी एक आंख चली गई थी। 1976 में वे रिटायर हो गए। उनके दो बेटे और दो बेटी है। एक बेटा और बेटी जर्मनी में नौकरी करते है। एक बेटा वियतनाम में और एक बेटी दिल्ली में जॉब करते है।

जब उनसे गाढ़ी कमाई को दान में देने के बारे में पूछा तो कहा कि देश और देशवासियों से बड़ी कोई चीज नहीं होती। आज देश पर कोरोना का संकट चल रहा है। सभी को लॉक डाउन झेलना पड़ रहा है। ऐसे में हम सभी को मदद करनी चाहिए। पैसा कहां ले जाना है। मेरी उम्र 85 साल हो गई है। उनका पैसा भलाई में जा रहा है। मुझे इसकी खुशी है। पत्नी सुमन चौधरी ने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूं कि भगवान ने हमें दान देने लायक बनाया। कोरोना से लड़ने के लिए सभी को आगे आना चाहिए।
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मैनेजर नलिन कुमार ने कहा कि 20 साल की नौकरी में उन्होंने इतना दान करने वाला कोई नहीं देखा। उन्हें खुशी है कि वे इस क्षण का हिस्सा बने। मोहिंदर के साथ उनके पड़ोसी एवं कैंट बोर्ड की सभासद रिनी जैन के पति अनंत जैन और हिमांशु जैन आदि मौजूद रहे। दान देकर बैंक से निकले मोहिंदर और उनकी पत्नी का बेगमपुल पर पुलिसकर्मियों ने भी ताली बजाकर स्वागत किया।

वैज्ञानिकों और कर्मियों ने 21 लाख का ड्राफ्ट दिया
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने कोरोना वायरस के मद्देनजर मुख्यमंत्री राहत कोष में दो दिन का वेतन 21 लाख रुपये से अधिक दिए हैं। कृषि विवि के कुलपति डॉ. आरके मित्तल ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से गरीब एवं मजदूर आदि प्रभावित हैं। इसलिए सभी को सरकार के साथ हाथ बढ़ाना चाहिए।

इसी क्रम में कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने दो दिन का वेतन 21 लाख 16 हजार 154 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए कमिश्नर को कुलपति डॉ. आरके मित्तल एवं वित्त नियंत्रक अवध नारायण यादव ने बुधवार को सौंपा है। उन्होंने कहा कि आगे भी सरकार की इसी तरह सहायता की जाएगी। वहीं, लोगों से अपील की कि वे लॉकडाउन का पालन करें ताकि कोरोना से भारत जंग जीत सकें।

आईटीआई के अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिए 10.24 लाख
कोरोना से लड़ने के लिए मेरठ मंडल के राजकीय आईटीआई के कर्मचारियों ने एक दिन का 10.24 लाख रुपये वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री बनी सिंह चौहान ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते पीड़ितों की सहायता हेतु मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के आह्वान पर राजकीय आईटीआई के कर्मचारियों, अधिकारियों ने अपनी स्वेच्छा से एक दिन का वेतन दिया है।

नोडल प्रधानाचार्य पीपी अत्री ने बताया कि राजकीय आईटीआई मेरठ के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन चार लाख पंद्रह हजार चार सौ बाइस रुपये एवं मेरठ मंडल के छह जिलों की सभी राजकीय आईटीआई के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एक दिन का वेतन कुल धनराशि दस लाख चौबीस हजार दो सौ सात रुपये की धनराशि मुख्यमंत्री कोरोना पीड़ित सहायता कोष में जमा कराई है।

डीएन के स्टाफ ने दिया 1.61 लाख का योगदान
मेरठ। डीएन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, शिक्षकों, लिपिकों एवं कर्मचारियों के एक दिन के वेतन की धनराशि एक लाख साठ हजार एक सौ पचास रुपये का चेक मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा कराया है।

प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने बताया कि उनके विद्यालय का समस्त स्टाफ सभी प्रदेश व देश के वासियों के स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना करता है। वहीं, मेडिकल के नर्सिंग कॉलेज के स्टाफ ने 55 हजार 10 रुपये आपदा राहत कोष में जमा कराए हैं।

जिला जाट महासभा ने 1.51 लाख का चेक दिया
मेरठ। जिला जाट महासभा ने बुधवार को कोरोना से बचाव के लिए 1.51 लाख का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में एडीएम वित सुभाष प्रजापति को सौंपा। जाट महासभा के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी सहायता करने का वादा किया। इस दौरान महासभा के अध्यक्ष सत्यवीर सिवाच, महासचिव एवं मीडिया प्रभारी गजेंद्र पायल, रविंद्र मालिक, जितेंद्र धामा आदि मौजूद रहे।
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शिक्षकों ने एक लाख रुपये दिए
कोविड 19 से जूझ रहे देश एवं सरकार की सहायता के लिए शिक्षक एवं सामाजिक संस्थाएं आगे आ रही हैं। शिक्षकों ने एक लाख व सामाजिक संस्था ने 31 हजार की धनराशि प्रधानमंत्री राहत कोष में दी है। शिक्षक प्रदीप पूनिया ने बताया कि दौराला ब्लॉक के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अब तक प्रधानमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये जमा कराए हैं। उन्होंने बताया कि आगे भी शिक्षक-शिक्षिकाओं से सहयोग करने की अपील की गई है।

इसके अतिरिक्त भारत विकास परिषद पल्लवपुरम शाखा की अध्यक्ष सरिता चौहान ने बताया कि कोरोना वायरस से जंग जीतने के लिए देश हित में संस्था के सदस्यों ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 31 हजार की धनराशि भेजी है। इससे पहले भी संस्था के सदस्य 11 हजार की धनराशि भेज चुके हैं। उन्होंने भविष्य में भी सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना से जंग जीतने के लिए वह लॉकडाउन का पालन करें।

डॉ. दर्शन हॉस्पिटल ने डीएम को चेके सौंपा
डॉ. दर्शन हॉस्पिटल के चेयरमैन राहुल पाराशर और भाजपा नेता संदीप पाराशर ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष और प्रधानमंत्री केयर फंड में 51 हजार एवं 11000 का चेक कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर, सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई और हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के माध्यम से डीएम अनिल ढींगरा को सौंपा।

इस बाबत डॉ. राहुल पाराशर ने कहा कि इस समय देश कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री राहत कोष और प्रधानमंत्री केयर फंड में धन देकर मदद करना नैतिक दायित्व है। इस दौरान डॉ. समरेंद्र चौधरी, नरेंद्र सिंह, मोहित वशिष्ठ, विकास मोरल किनौनी, सतीश पावटी आदि रहे।

रेलवे कर्मचारी भी आए आगे
ऑल इंडिया एससी एसटी रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन द्वारा भी कोरोना पीड़ितों की मदद की जा रही है। एसोसिएशन के महामंत्री अशोक कुमार की तरफ से 70 करोड़ की सहायता की पेशकश की गई हैं ।

इसी क्रम में मेरठ शाखा दिल्ली( मंडल) द्वारा भी लगातार कोरोना पीड़ित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही हैं। बुधवार को मेरठ शाखा ने द्वितीय चरण में लगभग 100 अति आवश्यक परिवारों तक राशन सामग्री पहुंचाई गई। यह मुहीम हमारी शाखा द्वारा इस वैश्विक महामारी के प्रकोप तक जारी रखी जाएगी।
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