- आईटी विभाग द्वारा भेजे गए हैं नोटिस
- संजीव पर बैंक का 9.26 करोड़ का ऋण
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नोटबंदी के दौरान आयकर विभाग ने 25 करोड़ के पुराने नोट रखने के मामले में बिल्डर संजीव मित्तल पर 42.19 करोड़ का टैक्स लगाया है। विभागीय जांच में अभी तक 60.85 करोड़ की बेनामी ट्रांजेक्शन राज बनी हुई हैं। विभाग की तरफ सभी को नोटिस भेजा गया है लेकिन अधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में माना जा रहा है 4 साल की लंबी जांच में शहर के 36 चर्चित फर्म और लोगों के नाम सामने आने वाले हैं जिन्होंने संजीव मित्तल के साथ पैसे का लेनदेन वर्ष 2017 और इससे पूर्व किया है।
दिल्ली रोड स्थित राजकुमार एंक्लेव निवासी बिल्डकर संजीव मित्तल के घर पर 29 दिसंबर 2017 को परतापुर और कंकखेड़ा पुलिस ने छापा मारकर 25 करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे। सहायक अपर आयुक्त के नेतृत्व में गठित टीम ने संजीव मित्तल की छह फर्म पर 42.19 करोड़ का टैक्स लगाया है। संजीव मित्तल के अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने कहा कि संजीव के ऋण और क्रेडिट रिकार्ड के अनुसार 36 लोगों के नाम पर 60.85 करोड़ की धनराशि सामने आई थी। इसमें पेपर मिल संचालक, सराफ, ट्रांसपोर्ट व्यापारी, अस्पताल संचालक, ऑटोमोबाइल डीलर, मनी लैंडर, बिल्डर और शिक्षण संस्थाओं के साथ शहर के 15 बड़े उद्योगपतियों से जुड़े नाम थे। अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने कहा कि सभी को आयकर विभाग ने नोटिस भेजा था लेकिन इसके बाद जांच आगे नहीं बढ़ी हैं। यदि संजीव दोषी है तो अन्य सभी लोग भी दोषी हैं। मामले की जांच कर रहे आयकर सहायक अपर आयुक्त ब्रिजेश सिंह ने पूरी जांच को गोपनीय बताया।
बैंक से 9.26 करोड़ का ऋण
संजीव मित्तल के रिकार्ड के अनुसार सिंडिकेट बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक और एक्सिस बैंक सहित 11 बैंकिंग वह फाइनेंनशियल इंस्टीट्यूशन से संजीव का 9.26 करोड़ का ऋण बताया गया है। इसमें सबसे बड़ा लोन सिंडिकेट बैंक से 5.70 करोड़ का है। इसके बाद 1.40 करोड़ का पंजाब एंड सिंध बैंक से लोन बताया।