यूपी बोर्ड के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज से शुरू हो रहा है, लेकिन शिक्षकों में कोरोना का खौफ तारी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जिसमें मूल्यांकन 23 मार्च से शुरू कराए जाने की मांग की है। मेरठ के रामसहाय इंटर कॉलेज में पहले दिन परीक्षाओं का मूल्यांकन नहीं हो सका।
संगठन के प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र और जिलाध्यक्ष डॉ. आरके त्रिवेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के सभी विद्यालय एवं शिक्षण संस्थान 22 मार्च तक बंद किए जाने केआदेश दिए हैं। दूसरी तरफ 16 मार्च से मूल्यांकन शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मूल्यांकन केंद्रों पर न तो सफाई की व्यवस्था है और न ही परीक्षकों को कम से कम एक मीटर की दूरी पर बैठाकर मूल्यांकन कराने की। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका है। मूल्यांकन के दौरान एक ही छोटे कक्ष में 50 से लेकर 100 परीक्षक नजदीक बैठकर मूल्यांकन करते हैं। उन्हें सुबह 10 से शाम पांच बजे तक बैठना पड़ता है। लिहाजा उन्होंने इसे फिलहाल स्थगित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मूल्यांकन की तारीख नहीं बढ़ाई गई तो वे मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर सकते हैं।
मेरठ में करीब 10 लाख कॉपियों का मूल्यांकन पांच केंद्रों पर होगा। मूल्यांकन केंद्र हैं, सनातन धर्म इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, रामसहाय इंटर कॉलेज, केके इंटर कॉलेज और सेंट जोजफ इंटर कॉलेज हैं। इनमें 2379 परीक्षक उत्तर पुस्तिकाएं जांचेंगे।
शामली जिले में आर के इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर सुबह 10 बजे से ही परीक्षक पहुंचने शुरू हो गए हैं। 11 बजे तक लगभग 200 परीक्षक पहुंच गए। जहां जिला विद्यालय निरीक्षक परीक्षकों की मीटिंग लेकर परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधी बोर्ड के दिशा निर्देशों की जानकारी दी। इसके बाद मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ।
मुजफ्फरनगर में भी यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का आज से मूल्यांकन शुरु होगा। इस बार चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए। जीआईसी और डीएवी में इंटर की तथा इस्लामिया व चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा।