मेरठ। यूपी बोर्ड के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 16 मार्च से शुरू हो रहा है। मेरठ में करीब 10 लाख कॉपियों का मूल्यांकन पांच केंद्रों पर होगा। दूसरी तरफ, शिक्षकों में कोरोना को लेकर खौफ है। राजकीय शिक्षक संघ और कई शिक्षकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है। साथ ही मूल्यांकन केंद्रों कोरोना से बचने के इंतजाम करने की मांग की है।
मेरठ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 17 जिलों से 33190 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें 20 हजार 979 शिक्षकों की ड्यूटी हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के लिए और 12211 शिक्षकों की ड्यूटी इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के लिए लगाई गई है। पांच मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सनातन धर्म इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, रामसहाय इंटर कॉलेज, केके इंटर कॉलेज और सेंट जोजफ इंटर कॉलेज हैं। इनमें 2379 परीक्षक उत्तर पुस्तिकाएं जांचेंगे। जिला स्तर पर इंटरमीडिएट में 43,101 और हाईस्कूल में 42,755 परीक्षार्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे, जिनमें से करीब 84 हजार ने परीक्षा दी है। दूसरी तरफ, राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारी सुनील भड़ाना का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद की प्रमुख सचिव से फोन पर वार्ता की है और मूल्यांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है। इनके अलावा केके इंटर कॉलेज के शिक्षक, राजेश त्यागी का कहना है कि एक मूल्यांकन केंद्र पर 500 से ज्यादा शिक्षक जमा होंगे। उनके लिए कोरोना से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं जिला संरक्षक डॉ. आरपी मिश्रा एवं जिलाध्यक्ष डॉ. आरके त्रिवेदी ने मुख्यमंत्री और उपमुंख्यमंत्री को पत्र भेजकर मूल्यांकन कार्य 23 मार्च से कराने की मांग की है।