पोलैंड से लौटे सीसीएसयू के दल की पहल लाई रंग, दो साल तक होगा शैक्षणिक और शोध सहयोग
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में पॉज़्नान यूनिवर्सिटी गया था प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की पहल को बड़ी सफलता मिली है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में पोलैंड गए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के बाद अब दोनों विश्वविद्यालयों के बीच प्रस्तावित इरेस्मस परियोजना को यूरोपीय संघ से वित्तीय मंजूरी मिल गई है।
इससे सीसीएसयू के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। पोलैंड की प्रतिष्ठित पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के आमंत्रण पर सीसीएसयू के प्रतिनिधिमंडल ने वहां का दौरा किया था। इस दौरान शैक्षणिक, शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा के साथ दोनों विश्वविद्यालयों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हुआ था। इसी पहल के परिणामस्वरूप सीसीएसयू को इरेस्मस परियोजना में अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थान के रूप में चुना गया है।
फरवरी 2026 में प्रस्तुत इस परियोजना को 100 में से 88 अंक मिले। कुल 240 प्रस्तावित मोबिलिटी में से केवल 34 को वित्तीय सहायता मिली है। दो साल की इस परियोजना के तहत पॉज़्नान विश्वविद्यालय का एक शिक्षक सीसीएसयू आएगा और शिक्षण एवं अकादमिक गतिविधियों में भाग लेगा। पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और भौतिक विज्ञान में विशेषज्ञ व्याख्यान, शोध गतिविधियां और अकादमिक संवाद होंगे। इससे शिक्षकों और विद्यार्थियों को यूरोपीय उच्च शिक्षा प्रणाली तथा आधुनिक शोध पद्धतियों को समझने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने इसे वैश्विक शैक्षणिक संबंध मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। निदेशक शोध प्रो. बीर पाल सिंह ने कहा कि इससे शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय सहयोग समन्वयक प्रो. जितेंद्र सिंह ने भविष्य में संयुक्त शोध और शिक्षक-विद्यार्थी आदान-प्रदान बढ़ाने की बात कही।