फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शुगर मिलों की मनमानी से आजाद करा रहा ईआरपी

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। गन्ना विभाग ने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सिस्टम के जरिए गन्ना किसानों को एक और तोहफा दिया है। अब किसानों को हायल गन्ना पर्ची (ओवरडेट पर्ची) जमा कराने के लिए शुगर मिलों और गन्ना समितियों के चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। अब हायल पर्ची एक के बजाय दो बार किसानों को निश्चित अंतराल पर भेजी जाएगी। इस दौरान किसान गन्ना तौलाई करा सकेंगे। पहले हायल पर्ची को जमा करके दोबारा जारी करने का अधिकार शुगर मिलों और गन्ना विकास समितियों के पास था।
विज्ञापन

गन्ना विभाग ने ईआरपी सिस्टम पिछले साल लागू किया है। इसके तहत किसानों की बांडिंग होती है और गन्ना इंडेंट से लेकर जारी होने वाली पर्ची का हिसाब रखा जाता है। किसान घर बैठे ई-गन्ना एप के माध्यम से पर्चियों, आपूर्ति और भुगतान आदि की जानकारी ले सकता है।
क्या होती है हायल गन्ना पर्ची
गन्ना विभाग की तरफ किसानों को गन्ना पर्ची भेजी जाती है। इसकी गन्ना डालने की वैधता तीन दिन होती है। इसके उपरांत पर्ची हायल यानि ओवरडेट हो जाती है। इसके बाद किसानों को यह पर्ची शुगर मिल या गन्ना समिति में जमा करनी होती थी। बाद में जमा की गई पर्ची को दोबारा जारी कराने के लिए गुहार लगानी पड़ती थी। अब ऐसा नहीं होगा। पर्चियों की तारीख स्वत: ही ईआरपी के माध्यम से परिवर्तित हो जाएगी और इसका मेसेज किसान के मोबाइल पर पहुंच जाएगा। इसके क्रमांक के आगे एच लिखा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा
नई व्यवस्था से फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो गई है। अब किसान हायल पर्ची पर दो बार गन्ना नहीं तुलवा सकेंगे।
- डॉ. दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें