संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। उद्योगपुरम में अटल औद्योगिक अवसंरचना मिशन के तहत चल रहे विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर परतापुर क्षेत्र के उद्यमियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उद्यमियों का कहना है कि बरसात शुरू होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे पड़े हैं। यदि समय रहते इन्हें पूरा नहीं किया गया तो जलभराव, यातायात बाधित होने, उत्पादन प्रभावित होने और उद्योगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
बुधवार को परतापुर उद्योग मंदिर में उद्यमियों और यूपीसीडा के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। उद्योग पुरम विकास कार्य निगरानी समिति के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने रोड नंबर-एक एवं रोड नंबर-नौ के निर्माण कार्य, मुख्य प्रवेश द्वार, गेट लाइटिंग, वाटर टैंक, जलापूर्ति नेटवर्क, सीसीटीवी सिस्टम, कंट्रोल रूम, अंडरग्राउंड विद्युत केबलिंग, बूम बैरियर और स्वीकृत सभी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही नालों के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर भी चिंता जताई है।
उद्यमियों ने जलापूर्ति योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में पाइप लाइन केवल सड़क के एक ओर डाली जा रही है। भविष्य में दूसरी ओर स्थित इकाइयों को कनेक्शन देने के लिए यदि बार-बार सड़क काटनी पड़ी तो नई सड़कें क्षतिग्रस्त होंगी और धन की बर्बादी होगी। उद्यमियों ने मांग की कि सड़क के दोनों ओर पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक औद्योगिक इकाई के लिए पहले से कनेक्शन प्वाइंट छोड़े जाएं, ताकि भविष्य में सड़क तोड़ने की आवश्यकता न पड़े। यूपीसीडा के उप महाप्रबंधक सलील यादव ने उद्यमियों को कार्य जल्द पूरा करने और उनके द्वारा की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।