संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे प्राचीन दिगंबर दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मुनि भाव भूषण महाराज के सानिध्य में चल रहे आषाढ़ की अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर रविवार को 1008 नंदीश्वरद्वीप महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के साथ 880 अर्घ्य समर्पित किए। स्वर्णमयी नंदीश्वरद्वीप जिनालय में सुसज्जित मांडले पर विधान की धार्मिक क्रियाएं विधिविधान से संपन्न हुईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वेदी पर भगवान शांतिनाथ के जलाभिषेक से हुआ। मंगलाष्टक के साथ विधान की क्रियाएं शुरू हुई। मांडले पर विराजमान भगवान शांतिनाथ का इंद्रों ने अभिषेक किया। शांतिधारा अनंतवीर जैन, विजय जैन, सुषमा जैन, मनीष जैन, सतेंद्र जैन और संजय जैन ने की। विधान की क्रियाएं पंडित आशीष जैन शास्त्री ने संपन्न कराईं।
विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने सभी पात्रों का मंगल तिलक और माल्यार्पण कर स्वागत किया। अर्घ्य चढ़ाने वालों में सौधर्म इंद्र संजय जैन, धनपति कुबेर सुनील जैन, महायज्ञ नायक सतेंद्र जैन, ईशान इंद्र अनुज जैन सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे। महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन और राजीव जैन ने भी पात्रों का तिलक लगाकर स्वागत किया।
मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि अनादि काल से जीव मोह के चक्र में फंसकर अपने निज स्वरूप को भूल गया है। मोह और कषाय का अंत किए बिना संसार चक्र से मुक्ति संभव नहीं है। सिद्ध पद प्राप्त करने के लिए मोह और कषाय का त्याग आवश्यक है। आरती में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस मौके पर महाप्रबंधक मुकेश कुमार जैन, अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन और नवनीत जैन आदि का सहयोग रहा।