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लॉकडाउन में सेवा, इंजीनियर शिखा रोज नियम से निराश्रित पशुओं को खिलाती है रोटी

Thu, 09 Apr 2020 12:47 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

इंजीनियर शिखा चौहान पशुओं की मदद करने के अपने कर्तव्य को लॉकडाउन में भी नहीं भूली है। वह अब भी रोज अपने घर के आसपास घूमने वाले निराश्रित पशुओं को रोटी खिला रही है। 
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बिजनौर में कुत्तों को खाना खिलाती शिखा चौहान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना को हराने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में सभी अपने- अपने तरीके से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। बिजनौर में इमलिया हाउस निवासी शिखा चौहान पशुओं की मदद करने के अपने कर्तव्य को लॉकडाउन में भी नहीं भूली है। वह अब भी रोज अपने घर के आसपास घूमने वाले निराश्रित पशुओं को रोटी खिला रही है। 

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प्रदीप कुमार की इंजीनियर बेटी शिखा को कुत्तों से बचपन से ही बहुत प्यार है। वह अपने घर में पल रहे कुत्ते को अपने हाथ से खाना खिलाती थी। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व वह एक दिन घर से बाहर निकली तो कुछ भूखे पिल्ले उसके चारों ओर आ गए और पूंछ हिलाते हुए खाना मांगने लगे। शिखा को उन पर दया आ गई और उसने उन्हें घर से ले जाकर रोटी खिलाई। 

यह भी पढ़ें: अमर उजाला फाउंडेशन: मदद के लिए बढ़ाए हाथ, लॉकडाउन में जरूरतमंदों को वितरित किए भोजन के पैकेट
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इसके बाद यह रोज शिखा का नियम बन गया। उसने अपने घर के आसपास के रहने वाले सभी कुत्तों को व बाद में निराश्रित गायों को रोटी देनी शुरू कर दी। अब शिखा रोजाना पांच से छह किलो आटे की रोटी बनाकर निराश्रित पशुओं को खिलाती है। छोटे पिल्लों को दूध, अंडा व ब्रेड भी देती है। 

शिखा चौहान का कहना है कि वह बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाती हैं। अपनी सैलरी का बड़ा हिस्सा वे निराश्रित पशुओं के भोजन में खर्च करती है।

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