महिला मित्र से मिलने आना पड़ गया भारी
भूरा गांव में बदमाश के घर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शनिवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान नौशाद उर्फ डैनी तथा सरवर को मार गिराया, तो उसमें भी एक महिला मित्र की भूमिका सामने आ रही है। नौशाद उर्फ डैनी एक महिला मित्र के संपर्क में था। पुलिस महकमे को इस बात की जानकारी थी कि नौशाद अपनी महिला मित्र से मिलने अक्सर आता है। दोनों बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने पहले से ही जाल बिछा रखा था। सटीक सूचना मिलने पर शनिवार सुबह पुलिस ने घेराबंदी कर दी, जिसके चलते मुठभेड़ में नौशाद और सरवर मारे गए। गौरतलब है कि पांच साल पूर्व सहारनपुर और शामली में सिपाही की हत्या करके सुर्खियों में आए कुख्यात मुस्तफा उर्फ कग्गा को भी महिला मित्र के जरिये ही पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था। ऐसे अन्य भी मामले पूर्व में हो चुके हैं।
भूरा गांव में दबिश देना भी था महाभारत
मुठभेड़ की जानकारी देते एसपी
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एक दौर में कैराना क्षेत्र के गांव भूरा में किसी भी बदमाश अथवा मादक पदार्थों के तस्कर को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम के लिए दबिश देना आसान नहीं होता था। दबिश के दौरान विरोध होने तथा पुलिस पर हमले की घटनाएं होती थीं, जिसके चलते पुलिस दबिश देने से हिचकती थी। अब पुलिस का हौसला बढ़ा है, तो बदमाशों को संरक्षण देने वालों में खलबली मची है।
नौशाद के पिता और सरवर की मां ने मुठभेड़ को फर्जी बताया
बदमाश का सामान ले जाता पुलिसकर्मी
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नौशाद उर्फ डैनी और सरवर के परिजनों ने पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताया है। उनका दावा है कि शुक्रवार रात गांव की एक महिला और उसका भाई घर आकर नौशाद तथा सरवर को बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर दोनों को मार गिराया। नौशाद के पिता जमील तथा सरवर की मां हमीदा ने केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी, डीआईजी और एसपी को पत्र भेजकर मुठभेड़ को फर्जी बताया है। पत्र में अवगत कराया गया है कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे भूरा गांव की एक महिला और उसका भाई नौशाद और सरवर को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। जमील ने कहा कि देर रात तक जब नौशाद घर नहीं लौटा, तो वह महिला के घर पहुंचा, तब वहां कोई नहीं मिला।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
झिंझाना सीएचसी में मौजूद पुलिसकर्मी
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सरवर की मां हमीदा ने बताया कि रात में सरवर घर नहीं लौटा। शनिवार सुबह करीब पांच बजे उसका छोटा बेटा अनवर और वासिल अपने भाई को तलाशते हुए महिला के मकान के पास पहुंचे, तब तक पुलिस ने नौशाद और सरवर को गोली मार दी थी। मौके पर खून के निशान तो मिले, लेकिन दोनों के शवों को हटा दिया गया था। पत्र में जमील और हमीदा ने पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए आरोपी महिला और उसके भाई तथा मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पीएम
भूरा गांव में लगी ग्रामीणों की भीड़
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पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नौशाद उर्फ डैनी तथा सरवर के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। शनिवार शाम पोस्टमार्टम होने के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। शनिवार अलसुबह करीब 4.15 बजे गांव भूरा में मुठभेड़ में नौशाद उर्फ डैनी तथा सरवर मार गिराये गए थे। दोनों के शव झिंझाना सीएचसी से पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए थे। पोस्टमार्टम कराने के लिए प्रशासनिक अनुमति के बाद पैनल का गठन किया गया। पैनल में शामिल दो चिकित्सकों ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया।
नौशाद के शरीर में छह गोलियां लगी, सरवर के सिर में लगी एक गोली
पुलिस की गाड़ी में गोली के निशान
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नौशाद के शरीर में छह गोलियां लगी, जिनमें से चार गोलियों के मैटल शरीर में मिले, जबकि दो गोलियां पार निकल गई। नौशाद को पेट, छाती और कलाई में गोली लगी। वहीं, सरवर के सिर में एक गोली लगी, जो भेजा उड़ाती हुई पार निकल गई। उधर, पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने नौशाद और सरवर का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस से दोनों के शव गांव भूरा ले जाने के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।