फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनकाउंटर: इस गैंग का शॉर्प शूटर था राकेश, पुलिस को चकमा देकर होता रहा फरार, मां बोली- मुठभेड़ फर्जी

Wed, 17 Jul 2019 01:16 PM IST
Dimple Sirohi सुनील सैनी, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
1 of 6
बदमाश राकेश का फाइल फोटो ऊपर व उसका घर - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगरपुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक लाख के इनामी सुपारी किलर रोहित के साथ मारा गया 50 हजार का इनामी राकेश यादव शार्प शूटर था। उसकी मौत के बाद उसकी क्राइम हिस्ट्री खुली तो कई बड़े सच सामने आए।
राकेश यादव के खिलाफ विभिन्न थानों में लूट, हत्या व कातिलाना हमले में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। आगे जानिए आखिर किस गैंग का चर्चित बदमाश था राकेश यादव: -
 
विज्ञापन

2 of 6
मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
कुख्यात राकेश यादव संजीव जीवा व बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी गैंग के शार्प शूटर के रूप में चर्चित रहा। रोहित की जीवा व बजरंगी गैंग के साथ दोस्ती उस समय परवान चढ़ी थी, जब वह फैजाबाद व मैनपुरी जेल में बंद हुआ था। यहीं से संजीव जीवा, भूपेंद्र बाफर व रोहित गैंग एक साथ आए, जिसके बाद सूचीबद्ध माफिया सरगना सुशील मूंछ की हत्या की साजिश रची गई। 

 
विज्ञापन

3 of 6
मुठभेड़ के बाद बरामद हुई कार - फोटो : अमर उजाला
इसी साजिश के तहत रोहित को दो जुलाई को दरोगा दुर्गविजय सिंह की हत्या कर अभिरक्षा से फरार कराया गया। ऐसी चर्चा रही कि सुशील मूंछ की हत्या के लिए करोड़ों की सुपारी दी गई थी, लेकिन इस बारे में अफसर कुछ भी कहने से बचते रहे।
अमर उजाला ने सुशील मूंछ के खिलाफ संजीव जीवा, भूपेंद्र बाफर व रोहित के गठजोड़ को लेकर पहले चार और फिर सात जुलाई को खबरों के माध्यम से आतंक के इस नए गठजोड़ का खुलासा कर दिया था।

4 of 6
मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश राकेश - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया अयोध्या निवासी राकेश यादव (24) हैदरगंज जिले में हुई लूट की कई वारदातों में शामिल था। जिले के कई थानों में उसके खिलाफ तमाम केस दर्ज हैं। वह जिले का टॉप टेन अपराधी भी था।

हालांकि राकेश के खिलाफ हैदरगंज थाने में कोई केस नहीं दर्ज था, जिसका फायदा उठाकर वह दूसरे जिलों में अपराध करके अपने साथियों के साथ गांव में शरण लेता था। हालांकि पुलिस उस पर निगरानी का दावा करती थी मगर वह गांव में कई बार लग्जरी वाहनों के साथ देखा गया। गांव के युवक बताते हैं कि गांव आकर राकेश खूब रौब झाड़ता था।
विज्ञापन

5 of 6
मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश राकेश - फोटो : अमर उजाला
पिछले साल एसटीएफ द्वारा की गई छापेमारी के बाद भी गांव के लोगों व राकेश के परिजनों को उसके बड़े अपराधी होने का आभास नहीं था। लोगों के अनुसार वह अक्सर लग्जरी वाहन से घर आता था, इस दौरान कुछ अन्य युवक भी उसके साथ होते थे। वह अक्सर घर पर रुकता भी था। वहीं स्थानीय थाने व बाहर की पुलिस उसकी तलाश में अक्सर छापेमारी करती थी लेकिन वह हाथ नहीं आता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
एनकाउंटर स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
मां बोली, एनकाउंटर फर्जी
राकेश यादव की मां सरस्वती देवी व बहन मंजू ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे दो सिपाही आए और उन्हें अपने साथ थाने ले गए। वहां बताया गया कि राकेश की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है। सरस्वती व मंजू का आरोप है कि साजिश के तहत फर्जी एनकाउंटर में राकेश की हत्या की गई है। कहा कि कई मामलों में उसके ऊपर पुलिस द्वारा साजिशन फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। राकेश इतना बड़ा अपराधी नहीं था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें