मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस के बाहर इलाहाबाद बैंक से कृष्णा प्लाजा की तरफ पांच सौ मीटर तक अतिक्रमण से पूरा डिवाइडर घिर चुका है। यहां पर झुग्गी-झोपड़ी बनाकर कब्जा कर लिया गया है। विश्वविद्यालय कैंपस के बाहर शहर के बीचोंबीच तब ये हाल तब है जब इस रोड से रोजाना पुलिस-प्रशासन के आला अफसर निकलते हैं। इस अतिक्रमण पर न तो नगर निगम कोई कार्रवाई करता है और न ही एमडीए और पुलिस कुछ नहीं कर रही है। रजिस्ट्रार ने जिला प्रशासन, नगर निगम और एमडीए के अफसरों को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने को कहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी डीएम-एसएसपी को शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी शिक्षण संस्थानों के बाहर से भी अतिक्रमण नहीं हटवाया जा रहा है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बाहर पूरे डिवाइडर पर अतिक्रमण है। यहां पर अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी बना रखी हैं। कई बार यहां पर कॉलेजों के छात्रों का विवाद हो चुका है। कई बार छेड़खानी की घटना हो चुकी हैं। ढाई साल पहले यहां रहने वाले एक बच्चे की बिजली के करंट से मौत के बाद जमकर बवाल हुआ था। विवि को ढाई लाख रुपये मुआवजा देना पड़ा था। इस सबके बावजूद यहां से अतिक्रमण नहीं हटवाया गया है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने इस मामले में जिला प्रशासन, नगर निगम और एमडीए अफसरों को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने को कहा है।
आखिर सरकारी जमीन पर कब्जे क्यों नहीं देखता प्रशासन
सरकारी जमीन पर इस तरह से कई जगहों पर कब्जे हो रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासनिक अफसर आंखें मूंदे हुए हैं। नगर निगम और एमडीए के अफसरों को शायद इतनी फुर्सत नहीं है कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त करा सकें।