सरूरपुर। गांव जसड सुल्तान नगर में आयोजित इजलास में बयान करते उलेमा। आयोजक
मदरसा जामिया अशरफिया में सालाना इजलास का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। गांव जसड़ सुल्तान नगर में स्थित मदरसा जामिया अशरफिया में शुक्रवार को सालाना इजलास का आयोजन किया गया। इजलास का की शुरुआत कारी जैद ने कुरआन पाक की तिलावत से की। मौलाना फईम ने नबी-ए-करीम की शान में नात-ए-रसूल पेश कर समा बांध दिया।
इजलास में मौलाना यामीन ने कहा कि मौजूदा दौर में औलाद को दीनी तालीम से रोशन करना हर मां-बाप की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुरआन और सुन्नत की रोशनी में परवरिश ही बच्चों को नेक इंसान बनाती है। उन्होंने मां-बाप से गुजारिश की कि वह अपने बच्चों को दिलचस्पी और जिम्मेदारी के साथ मदरसों में भेजें। उन्होंने कहा कि इस्लामी तालीम इंसान के दिलों में अमन, मोहब्बत, सब्र और भाईचारे की भावना पैदा करती है। उन्होंने बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम देने पर जोर दिया।
इजलास के दौरान नौ छात्रों को कुरआन हिफ्ज दीनी तालीम मुकम्मल करने पर दस्तार से नवाजा। इनमें सात लड़कियां और दो लड़के शामिल थे। कार्यक्रम के आखिर में मौलाना शकील ने मुल्क और उम्मत-ए-मुस्लिमा की सलामती, अमन-ओ-सुकून और तरक्की के लिए सामूहिक दुआ कराई। इस मौके पर कारी इजाज, मौलाना रिहान, मुफ्ती आदिल, मौलाना रिजवान, हाफिज साबिर मौजूद रहे।