परिवारवाद की सनक में कुचला गया लोकतंत्र: स्वतंत्र देव
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव न्यायालय द्वारा निरस्त किए जाने के बाद आपातकाल लागू किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद की राजनीति के कारण लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायपालिका और मीडिया पर भी अंकुश लगा दिया गया था।
उन्होंने कहा कि मीसा जैसे कानूनों के तहत बड़ी संख्या में लोगों को बिना मुकदमे जेल भेज दिया गया। जो लोग सरकार के सामने झुकने को तैयार नहीं थे, उन्हें प्रताड़नाएं झेलनी पड़ीं।कांग्रेस पर साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस संविधान की बात करती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि आपातकाल के दौरान सबसे अधिक संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई, जो संविधान के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
लोकतंत्र सेनानियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को मंच से सम्मानित किया गया। पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी आपातकाल के दौरान जेल में बिताए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह 21 महीने तक विभिन्न जेलों में बंद रहे और उस दौर की पीड़ा आज भी उनके मन में ताजा है।
कार्यक्रम में प्रदीप चंद कंसल, सर्वेश नंदन गर्ग, राकेश महाजन, कृष्ण कान्ता तोमर, पूर्व एमएलसी जगत सिंह, अरुण वशिष्ठ, हरिओम, मानसिंह गोस्वामी, अतुल त्यागी, जयवीर सिंह, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, जिलाध्यक्ष हरवीर पाल सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।