वहीं गुर्दों की बीमारी से पीड़ित तारापुरी निवासी गुलशन (40) को दो दिन से पीठ दर्द और नसों में जकड़न की वजह से उठा नहीं गया तो परिजनों ने उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाया। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में डेढ़ घंटे इंतजार के बाद चिकित्सकों ने बिना किसी दवाई दिए ही मेडिकल रेफर कर दिया।
इस संबंध में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि दुर्घटना में घायल मरीज को उसके परिजन भर्ती करने से पहले से ही अस्पताल से ले गए। कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक का कहना है कि गंभीर लोगों को भर्ती किया जाता है, ज्यादा गंभीर हालत होने पर ही मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। गुलशन को क्यों रेफर किया गया, इसका पता कराया जाएगा।
एमडीए उपाध्यक्ष ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप का किया निरीक्षण
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के उपाध्यक्ष संजय मीणा ने बुधवार को परतापुर इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों से अब तक की प्रगति, अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि, किसानों से लिए जाने वाले रकबे, चल रहे विकास कार्यों तथा आगामी चरणों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
टाउनशिप निर्माण के लिए किसानों से चरणबद्ध तरीके से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। उपाध्यक्ष संजय मीणा ने प्रत्येक गांव और प्रत्येक किसान से ली जाने वाली जमीन की समीक्षा की। भूमि अधिग्रहण पारदर्शी तरीके से तथा किसानों की सहमति के साथ किया जाए। उन्होंने किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे, दस्तावेज़ीकरण और समाधान शिविरों की प्रगति का भी फीडबैक लिया।