नया टेंडर अभी किसी को दिया नहीं गया है, ऐसे में कैंट बोर्ड के पास इतने कर्मचारी नहीं है कि वह खुद ठेका चला सके। कमांडर और सीईओ ने बार-बार कहा की रक्षा मंत्रालय से साफ आदेश है कि अपना रेवेन्यू वसूल करके अपनी सैलरी निकालिए ऐसे में हम घाटा नहीं खेल सकते हैं।
विधायक के विरोध करने के बाद एडीएम सिटी अजय कुमार तिवारी ने कह दिया की कमांडर और सीईओ साहब हमने इस तारिख तक का समय दिया था कि मवाना रुड़की और दिल्ली रोड पर टोल नहीं वसूला जाएगा लेकिन कोर्ट के आदेश पर वसूला गया पर अब हमारी तरफ से बिल्कुल नो है।
एडीएम सिटी ने कहा वहां पर कोई इंतजाम नहीं है गनीमत है कि हादसा नहीं हुआ है। अगर हो जाता तो लाशों के बीच में पुलिस और हमें खड़ा होना पड़ता है। आपको अपने रेवेन्यू की पड़ी है आपने एक बार भी यह नहीं देखा की वसूली किए जाने पर सड़क चौड़ी बनाने के क्या नियम होते हैं। किस तरह से सुविधाएं दी जाती हैं। अफसरों ने आश्वस्त किया कि नए ठेके का इससे कोई मतलब नही है। ऐसे में अभी यह ठेका दो महीने के लिये बढाया जा रहा है।
कोर्ट की रोक के बाद बदल दिया था टोल का नाम
तीनों सड़कें पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के स्वामित्व की हैं। ऐसे में इन पर कैंट बोर्ड टोल नहीं वसूल सकता है। इस पर कोर्ट ने भी रोक लगा दी थी। जिसके बाद देश की कई छावनी से अफसरों ने टोल का नाम खत्म करते हुए इसे वाहन प्रवेश शुल्क का नाम दे दिया था।