हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में प्रतिवर्ष बाढ़ से होने वाली तबाही को रोकने के लिए सरकार ने 73 करोड़ रुपये से तटबंध बनाने की मंजूरी दे दी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार नवंबर माह में तटबंध के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
मेरठ-मुजफ्फरनगर की सीमा पर मौजूद गांव खेड़ा मजादपुर से मेरठ-बिजनौर की सीमा को जोड़ने वाले भीमकुंड गंगा पुल तक पक्का तटबंध बनाने का कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। बरसात के दिनों में गंगा नदी के उफान पर आने से खादर क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ से किसानों की करोड़ों रुपये की फसल प्रतिवर्ष बर्बाद हो जाती है।
स्थानीय विधायक एवं जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक के आह्वान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा के करीब 11 किलोमीटर के तटबंध को बनाने की मंजूरी दे दी थी। सिंचाई विभाग के एक्सईन प्रमोद कुमार ने बताया कि अब निर्माण की सभी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इसी माह गंगा पर तटबंध बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिसकी सभी टेंडर प्रक्रियाओं को भी पूर्ण कर लिया गया है। खादर क्षेत्र में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से लोगों को राहत मिलेगी।
तटबंध के निर्माण पर खर्च होंगे 73 करोड़
एक्सईएन प्रमोद कुमार ने बताया कि बाढ़ रोकने के लिए बनाए जाने वाले तटबंध पर कुल 73 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस धनराशि में तटबंध के कटान को रोकने के लिए जगह-जगह स्टड लांन्चिंग स्प्रेन बनाए जाएंगे। छह स्थानों पर बड़े पत्थर के स्टड बनेंगे जो गंगा के रुख को दूसरी ओर मोड़ेंगे और कटान को रोकेंगे।
किसानों की सहमति से बनेगा तटबंध
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाढ़ रोकने के लिए जो तटबंध बनाया जाएगा, वह कच्ची तटबंध से हटकर पीछे की ओर बनेगा। इसके लिए किसानों की भूमि उनकी सहमति से ली जाएगी। इसके बदले उन्हें धनराशि भी आवंटित की जाएगी, जो इसी 73 करोड़ में शामिल होगी।
ये गांव होते हैं बाढ़ से प्रभावित
फतेहपुर प्रेम, हंसापुर, सिरजेपुर, बड़ी चामरोध, तारापुर, हरिपुर, दबखेड़ी, मानपुर, लतीफपुर, बामनोली, हादीपुर गांवड़ी, भीमकुंड, दूधली, बस्तौरा नारंग, मखदूमपुर, किशोरपुर, जलालपुर जोरा, रठौरा कला, खेड़ीकला, मनोहरपुर, शेरपुर आदि गांव शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तटबंध बनाने मांग को स्वीकृति दे दी है। तटबंध बनाने की सभी प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। जल्द ही तटबंध बनकर तैयार हो जाएगा। खादर क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से हमेशा के लिए राहत मिलेगी। -दिनेश खटीक, राज्य मंत्री