चार महीने बाद भी टूटा तटबंध नहीं हुआ ठीक
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए कार सेवा ने स्थानीय लोगों की मदद से लगभग 1980 में तटबंध बनाया था। गंगा के कटान के चलते 14 अगस्त को शेरपुर नई बस्ती के समीप से तटबंध टूट गया। जिससे क्षेत्र के कई गांव पानी की चपेट में आ गए थे। अब इस टूटे तटबंध को चार महीने हो चुके हैं। उसके बावजूद अभी तक इसे दुरुस्त नहीं किया गया है, जबकि किसी भी समय गंगा में कोई आपदा या प्रलय तबाही मचा सकती है।
खादर क्षेत्र में खेड़ा मजादपुर से शुरू मेरठ की सीमा में सिरजोपुर तक लगभग सात किमी क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए 1980 में कार सेवा भूरी वालों के माध्यम से कच्चे तटबंध का निर्माण किया गया था। तब से अब तक लोगों की मांग के बावजूद क्षेत्र में पक्के तटबंध नहीं बन पाया है। गत वर्ष प्रदेश सरकार ने एक किमी तटबंध को स्वीकार कर काम शुरू किया था, जो अभी चल रहा है। वहीं, गत वर्ष 14 अगस्त के दिन गंगा में बढ़ते जलस्तर के कारण भयंकर कटान शुरू हो गया था, जिसने गंगा के कच्चे तटबंध को शेरपुर नई बस्ती के सामने से तोड़ दिया था। जिससे पानी बाहर निकल कर तबाही मचा रहा था।
उसके बाद अचानक गंगा का जलस्तर कम हो गया, जिसके बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। तब से अब तक चार महीने बीत चुके हैं। लेकिन अब तक प्रशासनिक विभाग या सिंचाई विभाग ने इसे दुरुस्त कराना उचित नहीं समझा।
ऐसे में बाढ़ के समय इसी टूटे व कटान वाली जगह से बाढ़ का पानी गंगा के तटवर्ती इलाके में फैल जाएगा और सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो सकती है। उक्त टूटे तटबंध के कारण गत वर्षों में क्षेत्र के सैकड़ों परिवार अन्य स्थानों पर पलायन कर चुके हैं।
मरम्मत हो तो नहीं आएगी नौबत
आम लोगों का कहना है कि सरकार बाढ़ के दौरान जितनी राशि राहत व बचाव के नाम पर खर्च करती है। अगर उतनी राशि लगभग सात किमी लंबे उक्त तटबंध की मरम्मत पर खर्च कर दे तो ऐसी नौबत बार-बार नहीं आएगी।
जल्द बनाया जाएगा नया तटबंध
उप जिलाधिकारी कमलेश गोयल का कहना है कि खादर क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए गंगा तटबंध का सर्वे कराया गया था, जो शासन द्वारा पास हो गया है। जल्द ही नया तटबंध बनाया जाएगा। जिसके बाद क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से निजात मिल जाएगी।