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उपभोक्ता नहीं विद्युत निगम को भी लगाया चूना

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मेरठ। बिजली चोरी के जुर्माने की आड़ में धोखाधड़ी करने वाले निजी कंपनी के कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं के साथ विद्युत निगम को भी चूना लगाया है। दरअसल, इन कर्मचारियों ने जितने मीटर उतारे थे, उनमें से कई का विवरण दर्ज ही नहीं कराया। इससे साफ है कि फर्जीवाड़े में विद्युत निगम के कर्मचारियों की भी मिलीभगत है। उपभोक्ता जब फर्जीवाड़े की शिकायत लेकर बिजलीघर पहुंचे तो उन्हें धमकी देकर भगा दिया गया।
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शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का जिम्मा दो निजी कंपनियों के पास है। पीवीवीएनएल अफसरों पर इनकी निगरानी का जिम्मा है। दोनों निजी कंपनियों ने कुछ अन्य छोटी कंपनियों से संपर्क कर स्मार्ट मीटर काम शुरू कराया। इन्हीं में से एक कंपनी के कर्मचारियों ने फर्जीवाड़ा किया था। नियमानुसार हर दिन लगाए गए स्मार्ट मीटरों का विवरण दर्ज कराना होता है। पुराने मीटर की डिटेल्स भी ऑनलाइन अपडेट करनी होती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कार्यदायी संस्था गड़बड़ी की बात स्वीकार कर रही है, लेकिन यह भी कह रही है कि इन कंपनी से काम नवंबर माह में छीन लिया गया था।
कनेक्शन न जुड़ने से उपभोक्ता परेशान
जुर्माने की आड़ में धोखाधड़ी का शिकार हुए उपभोक्ता कनेक्शन न जुड़ने से परेशान हैं। पीड़ित का कहना है कि अफसर कनेक्शन जुड़वाने का आश्वासन देते हैं, लेकिन बिजलीघर में कोई सुनवाई नहीं कर रहा।
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मवाना क्षेत्र के हैं सभी आरोपी
धोखाधड़ी करने वाले आरोपी मवाना क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। यह भी सामने आया है कि इन लोगों ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। मामले में खुलासे के बाद आरोपी युवकों ने एक पीड़ित से संपर्क भी साधा है।
पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। दोषी किसी भी दशा में बख्शे नहीं जाएंगे। - एसबी यादव, चीफ इंजीनियर, मेरठ जोन
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