उधर, कैराना से कांग्रेस ने जाट कार्ड खेला है। यहां से हरेंद्र मलिक को टिकट दिया है। हरेंद्र राज्यसभा सदस्य और बघरा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं । इनके बेटे पंकज मलिक भी विधायक रह चुके हैं। मलिक यहां गठबंधन और भाजपा दोनों के लिए ही चुनौती पेश करेंगे।
बिजनौर से इंदिरा भाटी को टिकट देकर कांग्रेस ने गुर्जर कार्ड खेला है। इंदिरा रालोद से बिजनौर में सांसद रह चुके संजय चौहान की बहन हैं। इनके पिता बाबू नारायण सिंह पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। इस सीट पर गुर्जर मतों की काफी संख्या है। ऐसे में यहां अपने परंपरागत वोटों के अलावा गुर्जर वोटों में भी सेंध लगा सकती है।
इकलौते बेटे की हुई थी हत्या
21 दिसंबर 2014 को डॉ. ओपी शर्मा के इकलौते बेटे युवा अधिवक्ता तरुण की कोतवाली के स्वामी पाड़ा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 2017 में आरोपी लविंद्र को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उनका बेटा न्यूजीलैंड से एमबीए करने के बाद एलएलएम कर रहा था। यह मामला लखनऊ तक गूंजा था।
सपा जो कांग्रेस में हुए शामिल
जिला कांग्रेस कार्यालय बुढ़ाना गेट पर बैठक में सपा के दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। सपा से शाहिद सैफी, दिलशाद अब्बासी, सईद खान, हाजी नजर मौहम्मद, हाजी इकबाल, हैदर अली, शौकत भारतीय, सरफराज कुरैशी आदि कांग्रेस में शामिल हुए।