फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी बयार: सियासत की चौखट पर निर्णायक साबित हो सकती है महिलाएं, मतदाता संख्या में पुरुषों के लगभग बराबर

Sun, 14 Apr 2024 04:51 PM IST
Dimple Sirohi चुनाव डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर जिम्मेदारियां निभा रही हैं। जमीन से लेकर आसमां तक वह कहीं भी पुरुषों से पीछे नहीं हैं। चुनाव मैदान में भी आधी आबादी यदि एकजुट हुई तो निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
विज्ञापन
तब्बसुम हसन, मीरा कुमार, मायावती,ओमवती, मोहसिना किदवई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रत्येक क्षेत्र में दमखम दिखाने वाली महिलाएं सियासत की चौखट पर भी निर्णायक साबित हो सकती हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा में आधी आबादी संख्या में पुरुषों से कमतर नजर नहीं आती। अपने मुद्दों पर एक होकर अगर महिलाएं मतदान करें तो चुनाव को प्रभावित करने का दमखम रखती हैं। तीन तलाक के मुद्दे पर जिस तरह मुस्लिम महिलाओं ने मुखर होकर अपनी बात रखनी शुरू की है। इससे जाहिर है कि बदलाव की हवा का झोंका आया है। इस बार के चुनाव में महिलाओं मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम होगी। महिलाओं की संख्या, उनके रुख और सियासत में अब तक मिली कामयाबी पर चुनाव डेस्क की रिपोर्ट....

विज्ञापन

महिलाएं फतह कर रहीं मतदान का मैदान
मेरठ में 2019 में चार दशकों के बाद मतदान का रिकार्ड टूटा था। 65.21 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें महिलाओं का अहम योगदान रहा। मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा में तो मतदान करने में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया।

मेरठ जनपद में 66.31 फीसदी पुरुषों ने तो 63.88 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया। हस्तिनापुर विधानसभा में 66.81 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया, जबकि पुरुषों की मतदान प्रतिशतता 65.58 ही रही।

2014- पुरुष 65.1 महिला 60.6
2019-पुरुष 66.31 महिला 63.88
1980 और 1984 के चुनाव में कांग्रेस की मोहसिना किदवई सांसद चुनी गईं।

महिला मत तय करेंगे देश के विकास की राह
हमें अपने एक एक मत की ताकत को समझना होगा, जोकि सभी को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास की ओर ले जा सकता है। मेरी अपील खासकर महिलाओं से कि वे आगे आएं और मतदान कर देश की दिशा दशा बदलने में सहयोग करें। - डॉ. विनोदा राजीव
 
महिलाओं का वोट प्रतिशत बढ़े तो वे देश की दिशा और दशा दोनों बदल सकती हैं। सही सरकार का चुनाव ही देश के विकास का मूल है। महिलाओं में मतदान के लिए जागरूकता देखी जा रही है। -डॉ. मधु वत्स, पर्यावरणविद

बागपत से कोई महिला संसद तक नहीं पहुंची
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में 8,66,355 पुरुष और 6,91,574 महिला मतदाता थीं। उस वर्ष 10,44,894 वोट डाले गए थे, जिनमें करीब 43.2 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 8,50,681 पुरुष और 6,54,494 महिला मतदाता थीं। उस वर्ष 10,04,263 वोट डाले गए थे, जिनमें करीब 41.9 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया था।

बागपत में वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कुल मतदाता 16,46,278 है। इनमें 7,52,178 महिला, 8,94,111 पुरूष और 89 अन्य मतदाता है।

मशहूर गायिका रेणुका पंवार कहती है कि चुनाव एक पर्व की तरह होता है और इस पर्व को सभी मतदान करके मनाए। महिलाओं को विशेष तौर पर आगे आकर मतदान करना चाहिए और वोट डाले बिना नहीं रहना चाहिए। इसलिए इस बार सभी महिलाएं बढ़ चढक़र मतदान करें।

कैराना से चार बार सांसद रह चुकीं महिलाएं
कैराना लोकसभा सीट पर 62 साल के इतिहास में चार महिला सांसद रहीं हैं। इनमें वर्ष 1980 में जनता दल एस से गायत्री देवी , वर्ष 2004 में रालोद-सपा से अनुराधा चौधरी, वर्ष 2009 में बसपा से तबस्सुम हसन, वर्ष 2018 के उपचुनाव में रालोद से तबस्सुम हसन शामिल है। 2019 में 67.46 प्रतिशत मतदान हुआ था। महिला मतदाताओं ने 45.86 और पुरुषों ने 54.00 प्रतिशत मतदान किया था।

हर किसी को करना चाहिए मतदान
प्रगतिशील किसान श्यामो देवी का कहना है कि हर किसी को मतदान के लिए आगे आना चाहिए। महिलाएं आज हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। महिलाएं खुद के साथ-साथ अन्य महिलाओं को बूथ तक लेकर जाए और मतदान जरूर कराए। देश के अच्छे भविष्य के लिए महिला ओं की भागीदारी जरूरी है।

वर्ष 2024 में मतदाताओं का ब्योरा 
कुल मतदाता 1722432
महिला मतदाता 800518
पुरुष मतदाता 9 21820 

सहारनपुर से कोई महिला नहीं पहुंची संसद तक
प्रदेश की नंबर एक सीट सहारनपुर लोकसभा पर 2014 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं का सबसे ज्यादा 73.39 फीसदी मतदान रहा था, जबकि 2004 के चुनाव में महिलाओं का मतदान सबसे कम 59 फीसदी हुआ था। सहारनपुर लोकसभा सीट पर आजादी से लेकर अब तक कोई महिला संसद नहीं पहुंची। इस बार लोकसभा चुनाव में दो महिला प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं।
 
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए आगे आएं महिलाएं 
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज का कहना है कि लोकतंत्र में सभी को भागेदारी निभानी चाहिए। पुरुष हो या फिर महिलाएं, इस लोकसभा चुनाव में बूथों पर पहुंचकर मतदान करें। महिलाओं को भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।
 
लोकसभा चुनाव - 2014 
पंजीकृत कुल मतदाता - 1607329
पुरुष मतदाता - 872247
महिला मतदाता - 735019
पड़े मत - 1193086
पुरुष मतदाता - 652595 (74.22 प्रतिशत)
महिला मतदाता - 540479 (73.39 प्रतिशत)
 
लोकसभा चुनाव - 2019
पंजीकृत कुल मतदाता - 1736881
पुरुष मतदाता - 928665
महिला मतदाता - 808134
पड़े मत - 1228915
पुरुष मतदाता - 663829 (71.42 प्रतिशत)
महिला मतदाता - 565077 (69.12 प्रतिशत)
विज्ञापन

वोट का आधा हिस्सा, संसद में नहीं खुला खाता
मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर महिला मतदाता निर्णायक स्थिति में है। चरथावल, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर सदर, खतौली और सरधना सीट पर महिला मतदाताओं की संख्या आठ लाख 47 हजार 875 है। जबकि कुल मतदाता 18 लाख 16 हजार 284 है। दिलचस्प बात यह कि यहां से एक बार भी महिला सांसद नहीं चुनी गई। वर्ष 2009 में रालोद-भाजपा गठबंधन की प्रत्याशी अनुराधा चौधरी 254720 लाख वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रही थीं। अगर विधानसभा चुनाव की बात करें तो वर्ष 1977 में सदर सीट से मालती शर्मा पहली महिला विधायक बनीं थी। वर्ष 1985 में चारूशीला विधानसभा पहुंची। वर्ष 1996 में सुशीला अग्रवाल, मोरना उप चुनाव में मिथिलेश पाल चुनाव जीतीं। बघरा से चुनाव जीतकर अनुराधा चौधरी प्रदेश सरकार में मंत्री बनाई गई थीं।

मतदान करने में पुरुषों से आगे रहीं है महिलाएं
देश की सबसे बड़ी पंचायत के चुनाव में बिजनौर लोकसभा सीट की महिला मतदाता पुरुषों से आगे रही हैं। 2019 में बिजनौर में कुल 65. 97 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें में महिला मतदाओं ने 66.50 प्रतिशत मतदान किया था, जबकि पुरुषों ने 65.72 प्रतिशत मतदान किया। नगीना लोकसभा में कुल औसतन 63.50 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें पुरुषों ने 61.18 प्रतिशत व महिलाओं ने 66.15 प्रतिशत मतदान किया था।

बिजनौर में अभी तक तीन महिला सांसद बनीं
बिजनौर लोकसभा में सबसे पहली बार महिला सांसद के रूप में वर्ष 1985 में मीराकुमार चुनी गईं। 1989 में मायावती दूसरी महिला सांसद बनीं। 1998 में ओमवती तीसरी महिला सांसद चुनी गईं। 2009 में अस्तित्व में नगीना लोकसभा सीट से एक भी महिला सांसद नहीं बनी।

देश के अच्छे भविष्य के लिए महिलाएं मतदान सबसे आगे रहें : सुमन चौधरी
समाजसेवी सुमन चौधरी ने सभी महिला मतदाताओं का आह्वान किया कि वह पिछले लोकसभा चुनाव की तरह इस बार और ज्यादा पोलिंग बूथों पर पहुंचकर मतदान करें। अच्छी सरकार व देश का अच्छे भविष्य के लिए महिलाओं को आगे रहना चाहिए।

बिजनौर लोक सभा 2019 चुनाव
विधानसभा - पुरुष मतदान - महिला मतदान - कुल मतदान प्रतिशत
पुरुष प्रतिशत 65.72
महिला प्रतिशत- 66.50

नगीना लोकसभा 2019 चुनाव 
पुरुष प्रतिशत- 61.18
महिला प्रतिशत- 66.15

वर्ष 2024
- बिजनौर कुल 1733372 मतदाता
- 921187 पुरुष मतदाता
- 812094 महिला मतदाता
 
वर्ष 2024
नगीना में कुल 163832 मतदाता
-नगीना में 869270 पुरुष मतदाता,
नगीना में 808061 महिला मतदाता

(स्टोरी इनपुट- मेरठ से अरीश रिजवी, मुजफ्फरनगर मदन बालियान, सहारनपुर देवेंद्र कुमार, बिजनौर रजनीश त्यागी, बागपत अंकित चौहान, कैराना से इंद्रपाल सिंह पांचाल)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें