मतदान कराने की तैयारी में लगे कर्मचारी।
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बागपत लोकसभा सीट में बागपत, बड़ौत, छपरौली विधानसभाओं के अलावा मेरठ की सिवालखास और गाजियाबाद की मोदीनगर विधानसभा सीट आती है। लोकसभा क्षेत्र में 16 लाख 53 हजार 146 मतदाता है। इनमें सबसे अधिक सिवालखास विधानसभा में मतदाता है। वहीं मतदान के लिए लोकसभा क्षेत्र में 1737 बूथ है तो जिले में 979 बूथ बनाए गए हैं। इनमें 50 प्रतिशत बूथों की वेब कास्टिंग होगी तो संवेदनशील श्रेणी में रखी गई छपरौली में कड़ी सुरक्षा रहेगी। बागपत में प्रशासन ने चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए तीन सुपर जोन, 10 जोन व 106 सेक्टरों में बांटा गया है। जहां पिछली बार मतदान 64.2 प्रतिशत रहा था, वहीं उसको बढ़ाने के लिए प्रशासन व प्रत्याशियों ने पूरा जोर लगाया हुआ है।
23703 मतदाता पहली बार वोट करेंगे
बागपत लोकसभा सीट में करीब पांच लाख युवा मतदाता है। इनमें 18-19 वर्ष तक के 23703 मतदाता है जो पहली बार अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। जबकि बागपत जिले में ऐसे 15938 मतदाता है जो पहली बार वोट डालेंगे।
चुनावी समस्या के लिए यहां करें फोन
किसी को चुनाव से जुड़ी कोई समस्या होती है तो वह 1950 पर कॉल कर अपनी समस्या बता सकता है। इसके अलावा कंट्रोल रूम 0121-2222870 में भी सूचना दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष प्रभारी के पास नंबर 9235930529 पर भी सूचना दे सकते हैं।
बागपत लोकसभा में मतदाता
विधानसभा पुरूष महिला अन्य सर्विस वोटर
सिवालखास 187701 156014 20 2177
छपरौली 185030 151708 2 3719
बड़ौत 167917 139736 4 2713
बागपत 180682 155668 16 2295
मोदीनगर 179869 154874 32 1109
बागपत लोकसभा की वर्ष 2019 की यह रही स्थिति
कुल वोट-16,05,254
डाले गए वोट-10,37,061
डा. सत्यपाल सिंह-भाजपा-525789 (50.32)
चौधरी जयंत सिंह-रालोद-502287 (48.07)
मेरठ सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर चुनावी महासंग्राम में प्रत्याशियों की परीक्षा शुक्रवार (आज) होगी। यहां त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। प्रमुख दलों में भाजपा रालोद गठबंधन से अभिनेता अरुण गोविल मैदान में हैं तो सपा-कांग्रेस और आमआदमी गठबंधन की प्रत्याशी पूर्व महापौर सुनीता वर्मा हैं, जबकि बसपा के प्रत्याशी देवव्रत त्यागी हैं।
मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट के तहत पांच विधानसभा सीटें (किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ सिटी, मेरठ दक्षिण और हापुड़) आती हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि दो सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा। 2019 के लोकसभा चुनाव के इतर 2022 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और सपा का गठबंधन नहीं हो सका था। 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो बेहद कड़ा मुकाबला हुआ था।
भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने 5 लाख 86 हजार 184 वोट हासिल किए। वहीं, बहुजन समाज पार्टी के हाजी याकूब कुरेशी को 5 लाख 81 हजार 455 बोट मिले। दोनों के बीच अंत तक कड़ा मुकाबला रहा और जीत आखिरकार राजेंद्र अग्रवाल के खाते में गई। राजेंद्र आवाल ने महज 4,729 मतों के अंतर से चुनाव जीता। कांग्रेस के हरेंद्र अग्रवाल तीसरे नंबर पर रहे।