मेरठ। साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर नंद विहार निवासी राधाकृष्ण व उनकी पत्नी शिवदेवी को डिजिटल अरेस्ट कर 1.41 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को इतना डरा दिया कि उन्होंने कई किश्तों में अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। रविवार को साइबर थाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के नंद विहार निवासी राधाकृष्ण ने रविवार को थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि 14 दिसंबर 2025 में उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। साइबर आरोपी ने कहा कि उनके आधार कार्ड से नरेश गोयल के नाम से एक युवक ने केनरा बैंक दिल्ली में खाता खोला है, जिसमें करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हो रही है।
आरोपी ने उन्हें तुरंत सहयोग करने और जांच में शामिल होने के नाम पर वीडियो कॉल भी की। ठगों ने गिरफ्तारी और जेल भेजने का डर दिखाकर पीड़ित से गोपनीयता बनाए रखने को कहा और एक फर्जी एप्लिकेशन भरवाई। इसके बाद आरोपियों ने 1.41 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले की किसी को भी जानकारी देने पर आरोपियों ने पूरे परिवार पर कार्रवाई की धमकी दी। आरोपियों ने उनकी पत्नी शिवदेवी के खाते की जानकारी लेकर 5.16 लाख रुपये निकाल लिए। एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।