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बदलेगी मेरठ की तस्वीर: 250 करोड़ में बनेगी जाम मुक्त वाली आठ सड़क, 80 करोड़ से चौड़ा होगा बिजली बंबा बाईपास

Thu, 24 Apr 2025 12:26 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

अगले कुछ वर्षों में मेरठ शहर की सूरत बदली हुई नजर आएगी। जाम से मुक्ति और सड़कों के गड्ढों से लोगों को निजात मिलेगी। इसके लिए ढाई सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे वहीं बिजली बंबा बाईपास को 80 करोड़ की रकम खर्च कर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है।
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मेरठ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिनभर जाम के झाम से मुक्ति और सड़क में गड्ढों के कारण हिचकोले लेते वाहन रफ्तार पकड़ेंगे। घनी आबादी वाला पुराने मेरठ शहर और मुख्य मार्गों की तस्वीर बदलेगी। 250 करोड़ की लागत से शहर में बंगलूरू और चेन्नई की तर्ज पर सीएम ग्रिड योजना में आठ सड़क का प्रस्ताव नगर निगम ने शासन को भेज दिया, जिसमें से छह सड़क का प्रस्ताव पास हो गया है। एक सड़क पर काम भी शुरू कराने की तैयारी हो चुकी है। चौड़ी सड़क, तीन मीटर का डिवाइडर और विद्युत सहित अन्य सभी लाइन अंडरग्राउंड हो जाएगी। ताकि हादसे होने का खतरा भी कम हो जाएगा।

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हॉस्पिटल, स्कूल, धार्मिकस्थल और घनी आबादी को राहत देने वाली सीएम ग्रिड योजना में मेरठ नगर निगम ने आठ सड़कों का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ शासन को भेज दिया है। ये सड़क चमचमाती दिखने के साथ-साथ जाम मुक्त भी होगी। दावा है कि इन सड़कों के बनने से समूचे शहर की सूरत ही बदल जाएगी, क्योंकि इनमें अधिकांश पुराने शहर में हैं, जहां पर अक्सर जाम और सड़कों पर गड्ढे रहते हैं।


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पानी की पाइप लाइन, गैस पाइप लाइन तो कभी सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के चलते सड़क तोड़कर काम करने की तस्वीर अमूमन सभी लोगों ने शहर में देखी ही होगी। इन सबका झंझट खत्म हो जाएगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता निर्माण प्रमोद कुमार ने बताया कि शहर में आठ सड़क में से छह सड़क का प्रस्ताव पास हो गया है। तीन सड़क की टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी हैं। फाइनेंस ब्रीड होने के बाद तीनों सड़कों पर सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

यह आठ सड़क प्रस्तावित
गढ़ रोड स्थित गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे तक 47.34 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने की तैयारी चल रही हैं। कमिश्नरी चौराहे से बच्चा पार्क तक 27.71 करोड़, दिल्ली रोड स्थित मेट्राे प्लाजा के सामने से आंबेडकर तिराहे वाया शारदा रोड से होते हुए दिल्ली चुंगी तक 20.21 करोड़, गढ़ रोड पर भोलेश्वर मंदिर से पीवीएस मॉल तक 26.69 करोड़, बागपत रोड पर ट्रांसपोर्टनगर से दिल्ली रोड तक 36 करोड़, सर्किट हाउस से मोहनपुरी होते हुए गांधी आश्रम और गढ़ रोड पर हापुड़ अड्डे से रंगोली मंडप त क 38.76 करोड़ रुपये से सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क बनेगी।
 
शहर की 8 सड़क सीएम ग्रिड योजना से बनने का प्रस्ताव बनाया गया हैं। इन सड़कों के बनने से शहर की 80 फीसदी जाम, सड़क पर गड्ढे सहित कई समस्या का समाधान होगा। महानगर की तस्वीर भी बदल जाएगी। गांधी आश्रम से तेजगढ़ी तक सड़क निर्माण का कार्य कराने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। गढ़ रोड पर हापुड़ अड्डे से रंगोली मंडप, कमिश्नरी चौराहे से बच्चा पार्क और दिल्ली रोड पर आंबेडकर तिराहे से देहलीगेट चौपाला, शारदा रोड से होते हुए दिल्ली चुंगी तक सड़क निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया अंतिम पड़ाव में हैं।
सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त
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80 करोड़ से चौड़ा होगा बिजली बंबा बाईपास
रोजाना गुजरते हैं 80 से 90 हजार वाहन, दिल्ली रोड पर कम होगा वाहनों का दबाव, आधे शहर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत 
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए 80 करोड़ से बिजली बंबा बाईपास पर बंबे को वायाडक्ट बनाकर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग को भेजा गया प्रस्ताव अब शासन पहुंच गया है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने शहर में बढ़ते यातायात के दबाव के लिए इसकी सख्त जरूरत बताते हुए शासन में पक्ष रखा।

दिल्ली रोड पर रैपिड कॉरिडोर के कारण दिनभर जाम के हालात बने रहते हैं। ऐसे में बिजली बंबा, शहर की लाइफ लाइन के तौर पर अधिक इस्तेमाल होने लगा है। रैपिड के काम से पहले रोजाना दिनभर में 35 से 40 हजार वाहन गुजरते थे। अब यह आंकड़ा 80 से 90 हजार तक पहुंच गया है। हापुड़ रोड व दिल्ली रोड को जोड़ने वाले इस मार्ग की लंबाई साढ़े सात किमी. है। वाहनों के भारी दबाव के कारण इसे चौड़ा किया जाना बेहद जरूरी हो गया है।

मेडा ने रोड वाइडनिंग के तहत बंबे के दूसरी ओर सड़क बनाने की मंशा से किसानों से वार्ता शुरू की थी। इसमें 500 से ज्यादा किसानों को पत्र भेजे गए और उन्हें मुआवजे के स्थान पर निर्माण के लिए एफएआर में छूट का प्रावधान किया गया।

किसानों ने इससे इन्कार कर दिया, जिसके बाद रजबहे में वायाडक्ट बनाकर मार्ग चौड़ा करने का प्रस्ताव बनाया गया। मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने इसकी अनुमति के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन में मेडा और लोनिवि की ओर से इसकी सख्त जरूरत बताई गई है।
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