मेरठ। एसटीएफ ने 500 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में मेरठ के स्क्रैप कारोबारी समेत सभी आठ आरोपियों को आगरा जेल भेज दिया है। इनके गैंग में और कौन-कौन शामिल है इसकी जांच में एसटीएफ जुटी हुई है। एसटीएफ ने आगरा के लोहामंडी थाने में तैनात पुलिसकर्मियों से भी इस मुकदमे के संबंध में जानकारी जुटाई है।
2024 में लोहामंडी आगरा में धोखाधड़ी से संबंधित मुकदमा जीएसटी चोरी का दर्ज हुआ था। जिसकी जांच में एसटीएफ से सहयोग मांगा गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी कागजातों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कर उसके माध्यम से फर्जी इनवाइसेज/ ई-वे बिल काटकर वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रडिट बेच कर राजस्व को क्षति पहुंचा रहे हैं। इसको लेकर कई जिलों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एएसपी ने बताया कि स्क्रैप कारोबारी दिलशाद मलिक तीन दफ्तर संचालित कर रहा था। दो दफ्तर मेरठ व एक गाजियाबाद में बनाया था। यहीं से आरोपी फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे। मेरठ में हापुड़ रोड व गाजियाबाद में राणा एसोसिएट देविका चैंबर आरडीसी में उसके अकाउंटेंसी संबंधी दफ्तर थे जहां सुहैल, वसीम, अंकुर तिवारी, स्वतंत्र तिवारी, रमेश व जावेद काम करते थे। आरोपी बोगस फर्मों का पंजीकरण करवाते थे। फिर बोगस इनवाइस व ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक फर्मों को बेचकर करोड़ों का राजस्व चोरी कर रहे थे।
एएसपी एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों ने आगरा में भी दो फर्में बनाकर करीब 137 करोड़ रुपये की राजस्व चोरी की है। सभी आरोपियों को आगरा कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद आगरा जेल भेजा गया है। एएसपी ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा। इनके गैंग में कौन-कौन और शामिल है, इसकी जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साक्ष्य भी जुटाए जा रहे है ताकि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कोर्ट से करा सके।
पांच आरोपी मेरठ के रहने वाले
पकड़े गए आरोपियों में न्यू इस्लाम नगर लोहिया नगर निवासी दिलशाद मलिक, करीम नगर नौचंदी निवासी मोहम्मद वसीम, जैदी गार्डन लिसाड़ी गेट निवासी मोहम्मद सुहैल, न्यू इस्लाम नगर निवासी जावेद मलिक, जैदी सोसाइटी नौचंदी निवासी इकरामुद्दीन, न्यू अशोक नगर दिल्ली निवासी रमेश पटेल, जहांगीरगंज अंबेडकर नगर निवासी अंकुर तिवारी, पटेल नगर गाजियाबाद के स्वतंत्र कुमार के नाम शामिल हैं।