84 स्थल संवेदनशील चिह्नित
84 स्थल संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। जनपद मेरठ में 21, बुलंदशहर में 43, बागपत में पांचे और हापुड़ में 15 स्थान संवेदनशील श्रेणी के हैं। चारों जनपदों को 27 जोन और 100 सेक्टर में बांटा गया है। 49 क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) लगाई गई है।
इन जिलों में तैनात रहेगी भारी फोर्स
शांतिपूर्वक नमाज के लिए चारों जिलों में आठ एएसपी, 25 सीओ, 95 इंस्पेक्टर, 820 दरोगा, 1250 हेड कांस्टेबल, 1635 कांस्टेबल, 1005 होमगार्ड व पीआरडी के जवान और दो कंपनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है। जिलों के कप्तानों को कानून व्यवस्था के मद्देनजर डीआईजी ने ईदगाह और सभी संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
खुले पर कुर्बानी पर रोक
डीआईजी ने कहा कि किसी भी प्रकार का कोई गैर परंपरागत कार्य न हो, इसके लिए थाना प्रभारी व चौकी इंचार्ज की जवाबदेही होगी। संरक्षित पशुओं की व खुले स्थानों पर कुर्बानी न हो इसके मद्देनजर विशेष सतर्कता बरती जाए। आवश्यकतानुसार सांप्रदायिक हॉटस्पाट पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस पिकेट तैनात किए जाएं।
ड्रोन से भी रख जाएगी नजर
संवेदशील क्षेत्रों व मार्गों पर यूपी 112 के वाहनों का रूट मैप तैयार कर लिया जाए। महत्वपूर्ण गतिविधियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों का सीसीटीवी कैमरों से कवरेज सुनिश्चित किया जाए। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाए और अधिक से अधिक पैदल गश्त की जाए।
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धार्मिक स्थलों की होगी नियमित चेकिंग
सभी सांप्रदायिक विवादों पर कड़ी नजर रखी जाए। जिलों के कप्तान धार्मिक स्थलों पर निगरानी रखेंगे और धार्मिक स्थलों व आस-पास के क्षेत्रों में समुचित पुलिस बल तैनात करेंगे। सभी जनपदों में टीम गठित कर सुबह सभी धार्मिक स्थलों की नियमित चेकिंग की जाए।
अफवाहों पर रहेगी कड़ी नजर
असामाजिक तत्वों की सूची तैयार करके आवश्यकता पड़ने पर इन इनके विरुद्ध कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। पिछले वर्षों में प्रकाश में आए सभी विवादों और घटनाओं की समीक्षा कर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। प्रत्येक मस्जिद में ईद-उल-अजहा की पूर्व रात्रि में सतर्क दृष्टि रखी जाए ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा किसी प्रकार की अफवाहें मस्जिदों या उसके आस-पास न फैलाई जाए।
सोशल मीडिया सेल किए गए सतर्क
ड्रोन कैमरे के माध्यम से भी मिश्रित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जाए। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। झूठी और भ्रामक सूचना प्रसारित होने पर तत्काल उसका प्रभावी खंडन किया जाए। सभी जनपदों में सोशल मीडिया सेल को सतर्क किया जाए।