मेरठ के दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह में दो साल बाद ईद उल फितर की नमाज अदा हुई। जिसके लिए शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी व कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने लोगों को मुबारकबाद दी। कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने तकरीर में कहा जो शख्स पड़ोसी को तकलीफ देता है वो मोमीनीन नहीं हो सकता। पड़ोसी चाहे हिंदू हो या मुसलमान उसके साथ अच्छा बर्ताव ही इस्लाम का तकाजा है। ईमान मजबूत है तो अल्लाह की मदद हमारे साथ है। कुरान में अल्लाह ने फरमाया मेरे बाद मां - बाप की फर्माबारदारी करें। आजकल के बच्चे बड़ों की इज्जत नहीं करते और मोबाइल में लगे रहते हैं।