मेरठ। आर्य समाज अंसल सुशांत सिटी में वार्षिकोत्सव वेद प्रचार समारोह हुआ। राजस्थान से आए आचार्य सोमदेव मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित विरेंद्र ने की। आचार्य सोमदेव ने वैदिक शिक्षका और संस्कार के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि आज कान्वेंट शिक्षा पद्धति के कारण छात्रों का व्यवहार उत्तम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा हिंसक प्रवत्ति के हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें वैदिक संस्कार की बहुत अधिक आवश्यकता है।
आचार्य सोमदेव ने कहा कि छात्र अपने गुरु जन, माता, पिता को भी सम्मान की दृष्टि से नहीं देखते हैं। पंडित वीरेंद्र रत्नम ने कहा कि आज संस्कार विहीन शिक्षा पद्धति ही युवाओं को पथ भ्रष्ट कर रही है। शिक्षा में संस्कार का अहम योगदान होता है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। अभिभावकों की जिम्मेदारी आज के समय में दोगुना हो जाती है। आज जरूरत है कि बच्चों को वैदिक शिक्षा भी दी जाए। कार्यक्रम में विक्रम सिंह, डॉ. आरपी सिंह चौधरी, रविंद्र सिंह आर्य, तेजपाल सिंह, विनोद तोमर, अजय कुमार, सुशीला तोमर रहीं।