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Meerut News: कंबोडिया में साइबर ठगी और मानव तस्करी की जांचकर लौटी ईडी

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मवाना का युवक बोला- आरोपियों के चंगुल में फंसने के बाद पैसे देकर वापस लौटा
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। देश के विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवकों को नौकरी के नाम पर कंबोडिया ले जाकर वहां संचालित चीन के कॉल सेंटर से साइबर ठगी कराई गई। मवाना का मोहम्मद राजा उर्फ अलेक जैदी भी गिरोह के चंगुल में फंसने के बाद उन्हें पैसे देकर वापस लौटा। बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दिल्ली की टीम उससे और सांधन के शुभम से पूछताछ कर वापस लौट गई थी। हालांकि उसका दावा है कि उसका ठगी से कोई लेना देना नहीं है।
मोहम्मद राजा उर्फ अलेक जैदी का कहना है कि बुधवार को घर पर ईडी की टीम पहुंची थी। पिता से सूचना मिलने पर वह आगरा से दोपहर 1:52 बजे मवाना लौट आया। ईडी के पूछे गए सभी सवालों को जवाब दिए। मांगे गए दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, यात्रा संबंधी विवरण, आगमन एवं प्रस्थान से संबंधित अभिलेख व अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराईं। रात 8:15 बजे टीम अलेक को छोड़कर वापस लौट गई।
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अलेक का कहना है कि वह पहले दुबई में बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत था। मई 2024 में उसे सिंगापुर में अच्छी नौकरी का प्रस्ताव मिला। 13 मई 2024 को वह दुबई से भारत आया। इसके बाद 23 मई 2024 को दिल्ली से बैंकॉक गया टीम लीडर के रूप में गया। उसके साथ तीन अन्य युवक भी गए थे।

बैंकॉक में कब्जे में ले लिए पासपोर्ट
अलेक ने बताया कि बैंकॉक पहुंचने पर उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिए गए और बाद में हमें सड़क मार्ग से कंबोडिया ले जाया गया। वहां उनकी तरह कई भारतीय नागरिक फंसे हुए थे। पासपोर्ट वापस देने के नाम पर उनसे ढाई लाख रुपये मांगे गए। परिवार की मदद से उन्हें रुपये देकर वह 22 जून 2024 को भारत वापस लौट आया। 15 सितंबर 2024 को वह फिर से दुबई में काम करने चला गया। जनवरी 2025 में नोटिस मिलने पर वापस भारत आया। उसे हिरासत में लिया गया था। वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उसने बताया कि इंचौली के सांधन गांव के शुभम से उसका कोई देना नहीं है। वह उसे नहीं जानता। ईडी ने बुधवार को शुभम से भी पूछताछ की थी।
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पंजाब के युवक ने चीन का नागरिक बनकर फंसाया
यह भी जानकारी मिली है कि पंजाब के एक युवक ने कई भारतीय युवकों को फंसाया था। यह युवक खुद को चीनी नागरिक या शू और एचआर हेड बताता था। इसके चंगुल में फंसकर कई भारतीय कंबोडिया पहुंचे। वहां फंसकर वह चीनी कॉल सेंटर से ठगी करने को विवश हुए थे। ये गिरोह डिजिटल अरेस्ट कर लोगों को ठगी का शिकार बनाता है। अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसियां कर रही हैं।
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