Meerut News: भाजपा नेत्री डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के खरखौदा स्थित एनसीआर मेडिकल कॉलेज पर ईडी ने छापा मारा और गहन छानबीन की। इस दौरान अस्पताल में अफतराफरी का माहौल रहा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के खरखौदा स्थित एनसीआर मेडिकल कॉलेज में 22 घंटे तक छानबीन की। ईडी की टीम यहां से कॉलेज के तमाम दस्तावेज, छात्रों की पंजीयन संख्या, उनकी उपस्थिति और फैकल्टी का पूरा ब्योरा और मैनेजिंग डायरेक्टर समेत सभी की कॉल डिटेल भी अपने साथ लेकर गई है।
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ईडी बृहस्पतिवार सुबह 4:15 बजे पूर्व एमएलसी व भाजपा नेत्री डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के खरखौदा स्थित एनसीआर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर पर पहुंची थी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के अधिकारियों ने रिश्वत लेने और गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में यह छानबीन की।
ईडी की टीम ने डॉ. सरोजिनी की बेटी और कॉलेज की असिस्टेंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शिवानी अग्रवाल के साथ लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाने के लिए स्टाफ से भी बातचीत की। टीम ने रिकार्ड रूम की तलाशी ली। कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकार्ड भी कब्जे में लिए।
यह कार्रवाई सीबीआई के एसएसपी कमल सिंह चौधरी की ओर से 30 जून 2025 को नई दिल्ली में दर्ज कराई गई 225 एफआईआर के सिलसिले में नामजद 35 आरोपियों के ठिकानों पर गई। इन्हीं आरोपियों में से एक डॉ. शिवानी अग्रवाल भी हैं।
सीबीआई को डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के एनसीआर मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की 50 सीट बढ़ाने का आवेदन करने के बाद उदयपुर (राजस्थान) स्थित गीतांजलि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मयूर रावल और दिल्ली की एमएस टेक्नीफाई साॅल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रोजेक्ट हेड आर रणदीप नायर से बातचीत का सबूत डाॅ. शिवानी अग्रवाल के मोबाइल में मिला था। इसी को लेकर ईडी की छापे की कार्रवाई की गई।
ईडी की ओर से यहां लगातार 22 घंटे तक मेडिकल कॉलेज में छानबीन की। इस दौरान तमाम दस्तावेज देखे गए। कार्यालय के कंप्यूटर से भी डाटा रिकवर कर कब्जे में लिया गया। चार वाहनों में आई टीम बृहस्पतिवार रात 2.15 बजे बजे लौट गई।
गोपनीय संचालन और स्थानीय पुलिस की अनुपस्थिति
एनसीआईएम में ईडी की 22 घंटे की कार्रवाई अत्यंत गोपनीयता के साथ संपन्न हुई। इस दौरान स्थानीय पुलिस को भी इस कार्रवाई से दूर रखा गया था। पैरामिलेट्री फोर्स के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंची ईडी की टीम को देखकर अस्पताल के कर्मचारियों में पहले तो अफरातफरी मच गई थी।
एक समय यह चर्चा भी थी कि दिल्ली में हुए एक ब्लास्ट के चलते जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम जांच के लिए आई है, लेकिन जब टीम अस्पताल के महानिदेशक के कार्यालय पहुंची और अभिलेख मांगे, तब कर्मचारियों को ईडी की कार्रवाई की जानकारी हुई। पूछताछ के दौरान, टीम ने जिन अधिकारियों से पूछताछ की, उन सभी के मोबाइल फोन बंद करवा दिए गए थे।
अस्पताल का सामान्य संचालन जारी
ईडी की छापेमारी के बावजूद, शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज की सभी प्रक्रियाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिखे और सभी ओपीडी सुचारू रूप से संचालित होती रहीं। इससे पता चलता है कि ईडी की टीम ने अपनी जांच के दौरान अस्पताल के सामान्य कामकाज को बाधित नहीं किया।
राष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई
यह छापेमारी केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं थी, बल्कि देश भर के दस राज्यों में एक साथ की गई। पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के मेडिकल कॉलेज पर ईडी की 22 घंटे चली कार्रवाई शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर की गई। गोपनीय तरीके से की गई इस जांच से रिश्वतखोरी और मानकों में हेराफेरी के आरोपों के बारे में सच्चाई का पता लगाना है।