देश डिजिटल इंडिया की राह पर है, लेकिन नगर निगम के कदम शुरुआत से ही लड़खड़ा गये हैं। शुक्रवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में ई-टेंडर के बजाय 10 लाख रुपये तक के कार्यों की निविदा पुरानी व्यवस्था के तहत जारी करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया।
इससे मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने के अभियान को भी झटका लगा है। वजह यह कि स्मार्ट सिटी के लिये तय मानकों में ई-टेंडरिंग भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है। फिलहाल, निगम अफसरों ने तर्क दिया है कि तेजी के साथ शहर का विकास कराने के लिये नई व्यवस्था से परहेज किया गया है। इस दौरान भाजपाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो सपाइयों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाये।
टाउन हॉल के तिलक हॉल में शुक्रवार को मेयर हरिकांत अहलूवालिया की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई। संचालन नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा ने किया। बैठक का मुख्य एजेंडा ई-टेंडरिंग के अलावा 10 लाख तक के कार्य पुरानी व्यवस्था से कराने का प्रस्ताव रखा गया।
इस पर मुहर लगाने के लिये पहले से मन बनाये बैठे पार्षदों ने प्रस्ताव आते ही पास कर दिया। हालांकि, पार्षद ने इसे लेकर नियमों की जानकारी भी मांगी। उन्होंने सवाल किया कि मुरादाबाद में कूड़े से खाद बनाई जा रही है तो मेरठ में क्यों नहीं।
इससे निगम की आय बढ़ेगी। जवाब में महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि कूड़े से बिजली बनाने की योजना को इसी माह अमली जामा पहनाया जाएगा। साथ ही कूड़े से खाद बनाने की योजना पर भी काम शुरू करने का आश्वासन दिया। पार्षद विनोद ने कहा कि सात माह से दो सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। उनका वेतन भी निकल रहा है। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाये।
इस पर नगरायुक्त ने कहा कि पार्षदों से मिली शिकायतों पर सफाई मजदूरों की गोपनीय जांच शुरू करा दी गई है। लापरवाही पर किसी को बख्शा जाएगा। वीसी हरीश कुमार ने कहा कि अमृत योजना का कार्य या तो निगम को दिया जाये या फिर निगम को ही टेंडर करने अधिकार मिले, ताकि यह पता रहे कि कब और कहां पर काम होना है।
पुराने शहर में सबमर्सिबल पर बैन लगे
पार्षद सेंसरपाल ने कहा कि पुराने शहर में गंगाजल परियोजना संचालित हो गई है। मांग उठाई कि इस इलाके में किसी सूरत में 10 एचपी के सबमर्सिबल नहीं लगने चाहिए, क्योंकि गंगाजल आने इनका उपयोग पूरी तरह खत्म हो गया है। शहर के बाहरी इलाकों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है। इसलिये अगर सबमर्सिबल लगवाने हैं तो बाहरी वार्डों में लगवाए जाएं।
अब जुमे के दिन बैठक नहीं
शुक्रवार को बोर्ड बैठक के दौरान मुस्लिम पार्षदों द्वारा बीच में ही जुमे की नमाज में जाने का प्रस्ताव रखे जाने पर महापौर ने कहा कि भविष्य में कोई बोर्ड बैठक या कार्यकारिणी जुमे के दिन नहीं होगी। ऐसा उन्होंने मुस्लिम पार्षदों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कहा।
पांच प्रस्ताव दिये, फिर भी काम नहीं
चार साल में शहर का कितना विकास हुआ है, इसकी कलई भाजपा पार्षद सुनील सैनी ने बैठक के दौरान ही सदन में धरना देकर खोल दी। बैठक शुरू होते ही वह गले में तख्तियां डालकर वेल में जमीन पर बैठ गए। उनके धरने पर बैठते ही जहां कुछ पार्षदों ने ठहाके लगाने शुरू कर दिया, वहीं कुछ उन्हें मनाने पहुंच गए। साथी पार्षदों के समझाने पर उन्होंने कहा कि शहर में गंगाजल दिया जा रहा है, लेकिन हमारे वार्ड में गंगाजल की पाइप लाइन भी नहीं है। चार साल में एक-एक काम के लिए पांच-पांच बार प्रस्ताव दिए पर हुआ कुछ नहीं। सदन में बोलने का मौका तक नहीं मिलता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके वार्ड की ऐसे ही अनेदखी की गई तो अगली बार जनता को साथ लेकर सदन में धरने पर बैठ जाएंगे।
डेरियों पर लगायेंगे जुर्माना : नगरायुक्त
बैठक में तहसीन अंसारी ने कहा कि अकेले मेरे वार्ड में 45 डेयरियां हैं। हर डेयरी में 100-100 पशु हैं। इनसे निकलने वाला गोबर नालियों में बहाया जाता है, जिससे नालियां चोक होने के बाद सड़कों पर फैल जाता है। उन्होंने डेयरियों पर मोटा जुर्माना लगाने की मांग की। आरोप लगाया कि निगम अधिकारी-कर्मचारी डेयरी संचालकों से अवैध वसूली करते हैं। इस पर नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा ने कहा कि डेयरियों पर जुर्माना लगेगा। एमडीए से बात कर इन्हें शहर से बाहर करने की रणनीति बनाई जाएगी।
शहर में अवैध होर्डिंग की फसल : मेयर
शहर की सड़कों पर अवैध यूनिपोल और अवैध होर्डिंग का मामला उठते ही मेयर हरिकांत अहलूवालिया मैदान में आ गये। विजय आनंद अग्रवाल ने जैसे ही शहर में दुकानों के बाहर लगे छोटे होर्डिंग के कारण व्यापारियों से अवैध वसूली के आरोप लगाए, महापौर ने कहा कि पूरे शहर में अवैध होर्डिंग की फसल उग रही है। साथ ही अधिकारियों से अवैध होर्डिंग के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। इस दौरान अधिकारियों की तो चुप्पी नहीं टूटी, पर पार्षदों ने जरूर शहर में अवैध यूनिपोल गिनाने शुरू कर दिए।