किसी दुर्घटना, आपातकालीन परिस्थिति में खून की जरूरत के लिए अब मरीज के तीमारदारों को भटकना नहीं पड़ेगा। खून की कमी को पूरा करने के लिए जिला अस्पताल का ब्लड बैंक नेशनल पोर्टल ई-रक्त कोष से जुड़ गया है। ई-रक्त कोष की वेबसाइट पर लॉगिन कर इसके बारे में जानकारी की जा सकेगी।
ब्लड बैंक से जुड़ा सारा डाटा एक क्लिक करते ही जानकारी मिल जाएगी कि किस ग्रुप का कितना खून उपलब्ध है। इसके अलावा इससे खून देने वाले की पूरी जानकारी ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन व्यवस्था में डोनर के लिए बारकोड जनरेट होगा। इसके बाद खून देने वाली की सभी डिटेल बारकोड के साथ पोर्टल पर डाली जा रही है। ई-रक्त कोष से जुड़ने के बाद ब्लड बैंक की सारी सूचनाएं पारदर्शी होंगी। सभी सूचनाएं सरकार के पास सुरक्षित रहेंगी। इसके कारण खून बेचने के अवैध धंधे पर भी रोक लगेगी। जरूरतमंदों को सरकारी रेट पर ही ब्लड प्राप्त हो जाएगा। अभी तक ब्लड बैंक का सभी काम मैनुअली ही होता था। इसमें लापरवाही की आशंका ज्यादा रहती थी। इसके अलावा रिकार्ड में गड़बड़ी होने की भी आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक भी जुड़ेगा
मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक भी ई-रक्त कोष से जुड़ने वाला है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही ब्लड बैंक ई-रक्त कोष से जुड़ जाएगा। यहां 400 से 500 यूनिट ब्लड का स्टॉक रहता है।
नहीं होगी धांधली
जिला अस्पताल में फिलहाल करीब 450 यूनिट ब्लड का स्टॉक है। ई-रक्त कोष पर अपना ब्लड बैंक रजिस्टर करा दिया है। ई-ब्लड बैंक का दर्जा प्राप्त होने से सब चीजें पारदर्शी हो रही हैं। किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश नहीं है। -डॉ. कौशलेंद्र सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी, जिला अस्पताल