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ई-8 पांडवनगर में प्रशांत का ठिकाना, नहीं किसी की नजर 

Wed, 03 May 2017 11:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शूटर प्रशांत विश्नोई की तलाश में कई टीमें जुटी है। लेकिन उनकी गंभीरता का पता इसी बात से चलता है कि मेरठ में ही प्रशांत की कोठी से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित उसके अस्थायी ठिकाने पर छापा मारना तो दूर अभी तक किसी भी जांच एजेंसी की नजर तक नहीं गयी है। जबकि पिछले तीन दिन से इस कोठी पर प्रशांत की गाड़ियों के साथ ही उसके खास लोगों की चहल पहल बढ़ गयी है। 
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पांडवनगर स्थित ई 8 कोठी के भीतर और बाहर पिछले तीन दिनों में चहल पहल ज्यादा बढ़ गयी है। पूर्व जेलर ओमबीर सिंह की मृत्यु के बाद इस कोठी में उनकी पत्नी रहती हैं और बताया जाता है कि प्रशांत ने कोठी के बड़े हिस्से को किराये पर लिया हुआ है। जहां पर अक्सर उसकी गाड़ियां खड़ी होती हैं और वह खुद और उसके खास लोग यहां आते जाते रहते हैं। मौहल्ले के लोगों के अनुसार शनिवार रात से ही यहां पर चहल पहल कुछ ज्यादा बढ़ गयी है। प्रशांत की फारच्यूनर गाड़ी जहां आज भी यहां खड़ी है, तो कोठी के भीतर और बाहर आने जाने वालों के साथ गाड़ियों की आवाजाही भी तेज है। लेकिन डर के कारण कोई कुछ ज्यादा बताने को तैयार नहीं है।

शनिवार रात रिटायर कर्नल देवेंद्र सिंह के पुत्र शूटर प्रशांत बिश्नोई की तलाश में जब पिता के सिविल लाइन स्थित 36/4 आवास पर छापा मारा हुई। यहां प्रशांत विश्नोई तो नहीं मिला, लेकिन वन्य जीवों के अवशेषों के साथ ही भारी मात्रा में विदेशी असलाह और दो लाख कारतूस बरामद हुए। इसके बाद तो प्रशांत की तलाश में पुलिस, वन विभाग, क्राइम ब्रांच आदि सभी जुट गये। 
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इन टीमों ने प्रशांत और उसके साथियों की तलाश में मेरठ और यूपी के कई जिलाें में छापेमारी और जांच के साथ देश के अन्य प्रदेशाें में भी जांच शुरू कर दी। लेकिन सिविल लाइन स्थित कोठी से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित प्रशांत के अस्थायी गोपनीय आवास का पता कोई भी जांच एजेंसी या टीम नहीं लगा पायी। 
 
तीन दिन में गायब हुए सबूत 
सूत्रों की मानें तो इस कोठी के भीतर वन्य जीवों के अवशेष और असलाह छिपा कर रखे गये थे। इसके अलावा वन्य जीवों का मांस भी यहां होने की बात कुछ लोग कह रहे हैं। जिसे प्रशांत के खास लोगों ने धीरे धीरे कर गायब कर दिया है। इस दौरान बड़ा वाहन इसलिए नहीं लगाया कि मौहल्ले वालों को शक न हो। ऐसे में छोटी गाड़ियों से ही तमाम सामान इस कोठी से गायब कर दिया गया। 
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