इकरार अहमद....सीसीएसयू के नजदीक दुष्यंत कुमार विमर्श वाटिका का शिलान्यास करते ऊर्जा मंत्री सोमे
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मेरठ। प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि जिस प्रकार क्रांतिकारी गजलकार दुष्यंत कुमार ने अपनी रचनाओं से देश पर थोपे गए आपातकाल का जमकर विरोध किया था, वह निश्चित ही स्मरणीय है। हिंदी साहित्य में दुष्यंत कुमार के योगदान को याद करने की आवश्यकता है।
क्रांतिकारी गजलकार स्वर्गीय दुष्यंत कुमार की स्मृति में ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर और महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सामने दुष्यंत कुमार विमर्श वाटिका का शिलान्यास किया। डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि हिंदी साहित्य में दुष्यंत कुमार का अविस्मरणीय योगदान है। अपनी रचनाओं से दुष्यंत कुमार ने हिंदी साहित्य में क्रांति ला दी और पूरी दुनिया हिंदी गजल की विधा से अवगत हुई। महापौर ने कहा कि इस वाटिका के रूप में दुष्यंत कुमार को दी जाने वाली श्रद्धांजलि शुरुआत मात्र है, आगे भी दुष्यंत कुमार की याद में अनेक स्मृति कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. राहुल त्यागी ने कहा कि दुष्यंत कुमार आज भी साहित्य प्रेमियों के दिलों में बसते हैं। अध्यक्षता होम्योपैथ डॉ. राजेंद्र सिंह ने तथा संचालन प्रो. विघ्नेश त्यागी ने किया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी, रामकिशोर त्यागी, संजीवेश्वर त्यागी, सतेंद्र चौधरी, अजय त्यागी, धर्मेंद्र नागर, वीर साईं, संजय शर्मा, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद