बागपत में अधिकारियों के साथ सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि एक और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पुलिस की फर्जी जिप्सी के मामले में फंस गए हैं। पुलिस लिखी लालबत्ती जिप्सी का बुधवार से ही शहर में हल्ला मचा हुआ है। बृहस्पतिवार को खुलासा हुआ कि यह श्रम विभाग के सलाहकार मोहम्मद अब्बास की सुरक्षा में चलती है। हालांकि, इसका रजिस्ट्रेशन उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी के नाम है।
अमित इन दिनों जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की हत्या की सुपारी देने के मामले में जेल में बंद है। मोहम्मद अब्बास ने खुद स्वीकार किया है कि यह जिप्सी उनकी सुरक्षा में चलती है। उधर, मामला दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री से जुड़ा होने के कारण पुलिस दो दिन से यही कह रही है कि जिप्सी की तलाश की जा रही है। हकीकत तो यह है कि बृहस्पतिवार को भी यह जिप्सी शहर में घूमती रही, लेकिन पुलिस ने इसकी तरफ आंख उठाने तक की हिम्मत नहीं दिखाई।
बुधवार को लालकुर्ती इलाके में छीपी टैंक के पास पुलिस की फर्जी जिप्सी देखकर लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। आरोप लगाया था कि इसमें सवार लोग खुद को पुलिस अफसर बताकर अवैध वसूली कर रहे हैं। लोगों ने इस जिप्सी की फोटो और विडियो क्लिप भी पुलिस को उपलब्ध कराई थी। इसकी जानकारी पर एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने ट्रैफिक पुलिस को जिप्सी की तलाश में लगाया। लेकिन, दो दिन से पुलिस इस जिप्सी को तलाश नहीं पाई है। बुधवार रात ही यह जरूर स्पष्ट कर दिया गया था कि जिप्सी का रजिस्ट्रेशन अमित जानी के नाम है। अमित जानी के जेल में बंद होने के कारण पुलिस यह पता लगाने में जुटी थी कि इस गाड़ी को कौन और किस मकसद से चला रहा है।
इस बीच बृहस्पतिवार को खुलासा हुआ कि यह जिप्सी सपा नेता मोहम्मद अब्बास की सुरक्षा में लगी है। सुबह के समय मकबरा डिग्गी स्थित उनके घर के बाहर यह जिप्सी घंटों खड़ी रही। इसके बाद दोपहर में कुछ युवक शहर में इसे घुमाते देखे गए। मामला सपा नेता से जुड़ा होने के कारण पुलिस भी चुप्पी साध गई। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि गाड़ी की तलाश बृहस्पतिवार को भी जारी रही, लेकिन वह मिली नहीं।
किस अधिकार से चला रहे
सपा नेता मोहम्मद अब्बास को पुलिस लिखी लालबत्ती जिप्सी चलाने का अधिकार किसने दिया? इसे लेकर सपा नेता और कार्यकर्ताओं में अलग-अलग चर्चा है। इरादों पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि फर्जी तरीके से लालबत्ती लगी पुलिस की गाड़ियों से पहले भी कई वारदातें हो चुकी हैं। पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर जांच का दावा तो कर रही है, लेकिन शहर में कई जगहों पर नजर आने के बाद भी गाड़ी की तरफ नजर न उठाना उसकी नीयत पर सवाल खड़ा कर रही है।
अब्बास समर्थक करते हैं सवारी
बताया गया कि दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री की सुरक्षा में लगी यह जिप्सी दिनभर शहर में घूमती है। यह बात खुद उन्होंने भी स्वीकार की है। शाम को यह मोहम्मद अब्बास के घर पर ही खड़ी होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दर्जा प्राप्त मंत्री के साथ चलने वाले कुछ युवक इसकी सवारी करते हैं। कई जगहों पर खुद को पुलिस वाला बताकर लोगों को धमकाते भी हैं। यह आरोप बुधवार को पुलिस को जिप्सी की सूचना देने वालों ने भी लगाए थे।