- कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में मिली कई खामियां
- आश्वासन समिति के कार्यवाहक सभापति एवं विधायक ने टीम के साथ किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
परीक्षितगढ़। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में आश्वासन समिति के कार्यवाहक सभापति एवं विधायक मोहम्मद फईम इरफान ने टीम के साथ औचक निरीक्षण किया। जिसमें अनेक खामियां मिलने पर नाराजगी व्यक्त की और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही। निरीक्षण के दौरान 100 छात्राओं में से 53 उपस्थित पाई गई।
नगर के आलमगिरपुर बढ़ला मार्ग स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में आश्वासन समिति के सभापति के अलावा सीडीओ नूपुर गोयल, एसडीएम मवाना संतोष कुमार, एसडीएम मेरठ मृदुला ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फईम इरफान ने कक्षा छह की छात्राओं से सवाल पूछे जिस पर छात्राओं ने पैन बाजार से खरीदने की बात कही। कंप्यूटर लैब में तीन माह से छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई। कंप्यूटर लैब के अभिलेखों की जांच की जांच के दौरान अभिलेख अधूरे पाए गए। बच्चों को रहने के लिए बने आवास बेड पर चादरों की साफ-सफाई ठीक नहीं थी। शौचालयों की व्यवस्था भी निंदनीय बनी हुई थी। सबमर्सिबल से पानी बहता देख नाराजगी व्यक्त की। रजिस्टर में बच्चों को दी जाने वाले सब्जी मेन्यू व उनकी कीमत लिखी हुई नहीं मिलने पर वार्डन रीना यादव को फटकार लगाई।
कई माह से कई शिक्षिकाओं की अनुपस्थिति दर्ज मिली। शौचालय गेट पर ताला लटका मिला। तलाश करने पर भी स्टाफ को चाबी नहीं मिली। स्वास्थ्य कार्ड में बच्चों का वजन नहीं लिखा होने तथा स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या कम मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात कही।
एसडीएम को साल में एक बार निरीक्षण करने को कहा
निरीक्षण के दौरान अनेक खामियां मिलने पर आश्वासन समिति के सदस्य राजेंद्र मौर्य ने एसडीएम मवाना संतोष कुमार से कहा कि कस्तूरबा गांधी स्कूल में निर्धन परिवार के बच्चे पढ़ते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य के साथ बेहतर शिक्षा मिल सके, लेकिन बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कई शिक्षिकाएं भी नहीं आ रही स्कूल
वार्डन रीना यादव ने बताया स्कूल में 100 छात्राएं पंजीकृत हैं। निरीक्षण के दौरान 53 छात्राएं ही उपस्थित मिली बाकी 47 छात्राएं अनुपस्थित हैं। चार शिक्षिकाएं व एक कंप्यूटर रूम की शिक्षिका स्कूल में कई माह से नहीं आ रही हैं। उन्होंने अपना त्याग पत्र लिखकर दिया हुआ है। बीएसए को पत्राचार के माध्यम से कई बार शिकायत कर चुके हैं। दूसरी तरफ राजकीय कन्या इंटर कॉलेज प्रशासन पर स्कूल में लैब नहीं बनने देने का आरोप भी लगाया। इस दौरान मनोज कुमार, बीडीओ राजेंद्र सिंह, लेखपाल अजय उपाध्याय, एआरपी रविकांत शर्मा, रतन सिंह, जसप्रीत कौर, स्कूल का स्टाफ आदि मौजूद रहा।