आंसू गैस के प्रभाव से बचने के लिए मुंह पर रुमाल रखकर जाती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर में पुलिस लाइन में ड्रिल के दौरान आंसू गैस का गोला छोड़ने से जीआईसी व जीजीआईसी के छात्र छात्राओं में हड़कंप मच गया। कई छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की आंखों में जलन, खांसी व उल्टियां हुई। जीआईसी में छात्रों की छुट्टी कर दी गई, जबकि जीजीआईसी में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का पहला दिन था। परेशानी के बीच ही छात्राओं ने किसी तरह से परीक्षा दी।
स्कूलों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि पुलिस प्रशासन पहले से सूचना देता तो छात्रों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। सोमवार को जीआईसी व जीजीआईसी पहुंचे छात्र-छात्राओं के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई। पुलिस लाइन के खेल मैदान पर ड्रिल का आयोजन किया गया था। बड़ी घटनाओं से निपटने के लिए आंसू गैस का गोला छोड़ा गया। गोला छोड़ने से क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई। पास में ही जीजीआईसी व जीआईसी स्कूल है। छात्र-छात्राओं को घुटन, जलन व खांसी भी उठने लगी। कई छात्राओं को उल्टी भी हुई। जीजीआईसी की कई शिक्षिका भी परेशान हो उठी। जीआईसी में छात्रों को परेशानी होते देख प्रधानाचार्य ने स्कूल की छुट्टी कर दी जीजीआईसी में छात्राओं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा का पहला दिन था। छात्राओं की आंखों से आंसू टपकते रहे तथा परीक्षा देती रही। प्रधानाचार्या राजुल त्यागी के मुताबिक यदि उन्हें पहले से पुलिस के इस प्रदर्शन की सूचना होती तो वह प्रश्नपत्र में बदलाव कर देती। जानकारी नहीं होने पर छात्राओं ने परेशानी केबीच परीक्षा दी।
कई छात्राओं ने बचाव के लिए मुंह व नाक पर दुपट्टा ओढ़ कर बचाव भी किया। पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक गिरिराज सिंह के मुताबिक केवल एक आंसू गैस का गोला छोड़ा गया। कोई बड़ी बात नहीं थी। सब सामान्य प्रक्रिया थी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/