एलाइनमेंट बदला गया है, यह बात तय है। कई किसानों को मुआवजा दिया गया है। लेकिन अब उनकी जमीन से एक्सप्रेस वे नहीं निकलेगा। किसान मुआवजा ले चुके हैं। 49-49 लाख रुपये दो बार मुआवजा लेने वाले किसानों का कहना है कि उसकी जमीन का अधिग्रहण हुआ तो उसने मुआवजा ले लिया। अब एलाइनमेंट कहीं ओर से निकाला गया है तो उसका क्या दोष है। उसकी जमीन पड़ी है, वहां से ही ट्रैक निकालो।
मकान और जमीन दोनों का चाहिए मुआवजा
सघन बस्ती क्षेत्र के बाशिंदे यहां से एक्सप्रेस वे निकालने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके मकान तोड़ने जाएंगे। प्रशासन मुआवजे की बात कह रहा है तो उनका कहना है जो मकान उन्होंने बनाए हैं, उसका पैसा कौन देगा? इसी को लेकर पेंच अटक गया है। कई बार एनएचएआई के अधिकारी मशक्कत कर चुके हैं।
कमेटी करेगी निपटारा
इस मसले पर आयुक्त डा. प्रभात कुमार नजर रखे हैं। इस मसले के निस्तारण को कमेटी का गठन किया गया है जो पूरे मामले का अध्ययन कर रही है। जल्द ही इसका निस्तारण करने को कहा गया है।
क्या है एक्सप्रेस वे की अंतिम समय सीमा
पैकेज कहां से कहां तक दूरी कंपनी निर्माण कार्य पूरा काम की स्थिति
1 सरायं काले खां-यूपी गेट 9 किमी एपको पूरा हो गया पूरा हो गया
2 यूपी गेट- डासना 22 किमी वेलस्पून मई 2019 20 फीसदी
3 डासना - हापुड़ 32 किमी चेतक दिसंबर 2018 50 फीसदी
4 डासना - मेरठ 31 किमी जीआर इंफ्रा मई 2019 हिस्सों में काम शुरू
जल्द दूर होगा विवाद
एक्सप्रेस वे के सारे मामलो को निपटाने की मशक्कत चल रही है। कमेटी को कहा है कि इन सभी प्रकरणों को निपटाए। डासना के विवाद को भी जल्द दूर करने को कहा गया है।
-डॉ. प्रभात कुमार, आयुक्त मेरठ मंडल
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