परिजन खुद ढूंढते रहे, तब मिला सुराग
सोमवार को सुनील के भाई मांगे, बहनोई दुष्यंत और अन्य परिजन जब मऊखास चौकी के पास पहुंचे और लोगों को फोटो दिखाए, तब किसी ने बताया कि ऐसा ही शव कुछ दिन पहले यहां पड़ा मिला था। इस सूचना पर परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद सच्चाई सामने आई।
अब शुरू हुई जांच, SSP ने माना पुलिस की भारी चूक
सीओ किठौर प्रमोद कुमार ने माना कि गुमशुदगी दर्ज न करना और शव की पहचान न कराना दोनों थानों की गंभीर लापरवाही है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मामले की जांच एसपी देहात राकेश कुमार मिश्र को सौंपी है और कहा है कि दोषियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
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अब सवाल आखिर कौन देगा जवाब
सुनील की मौत का कारण आज भी स्पष्ट नहीं है। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखा है, रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। नीशू (15), वीशू (10) और तीन बेटियां पिता के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सकीं।
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्र को इसकी जांच सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी