रोहटा। शुक्रवार को सुबह से हो रही बरसात के कारण बजाज शुगर मिल किनौनी के गन्ना क्रय केंद्र सूने पड़े रहे। मिल गेट पर भी गन्ने की आवक घटने के कारण मात्र 15 हजार क्विंटल गन्ना ही पहुंच पाने से मिल बंदी की कगार पर पहुंच गई है।
शुक्रवार की सुबह से ही क्षेत्र में बरसात शुरू हो गई थी। इस दौरान जो किसान गन्ने की छिलाई के लिए खेतों पर गए, वह बारिश तेज बारिश के कारण घर लौट आए। वहीं, गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ने की आपूर्ति नहीं होने से केंद्र सुनसान पड़े रहे। किनौनी चीनी मिल में जहां रोजाना सवा लाख गन्ने की खरीद करने के बाद पेराई की जा रही थी। वहीं, शुक्रवार को मिल के बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ने की आवक मात्र 10 हजार क्विंटल और मिल गेट पर मात्र 15 हजार क्विंटल गन्ना ही पहुंच पाया। यार्ड में पड़े गन्ने के कारण मिल अभी चल रही है। देर रात में किसी भी समय मिल गन्ने के अभाव में बंद हो सकती है।
मिल के महाप्रबंधक गन्ना जयवीर सिंह का कहना है कि मिल ने अपने 53 दिन के पेराई काल में 10.32 की औसत रिकवरी पर 55 लाख 16 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करते हुए 5 लाख 52 हजार चीनी के बोरों का उत्पादन किया है। वहीं, 15 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी समितियों के माध्यम से किसानों के खातों में भेज दिया गया है।
शुक्रवार को बरसात के कारण गन्ने की आवक बेहद कम रही है। मिल को बहुत ही धीमी गति से चलाया जा रहा है। रात में किसी भी समय गन्ने के अभाव में मिल को बंद भी करना पड़ सकता है।