अमेरिका के फ्लोरिडा सहित कई इलाकों में आए इरमा तूफान में जिले के वहां रह रहे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। परिवारीजन अमेरिका में रहने वाले अपने रिश्तेदारों की सलामती और स्वस्थ रहने की ईश्वर से दुआ कर रहे हैं। कई लोगों ने फोन पर बातचीत कर वहां रह रहे परिवार के सदस्यों को ढांढस बताया।
शामली जनपद के भी कई परिवारों के रिश्तेदार अमेरिका में रहते हैं। कांधला क्षेत्र के गांव हुरमजपुर निवासी विक्रांत जावला की सिस्टर इन लॉ (साली) पारुल और उनके पति अभिषेक अपने परिवार सहित अमेरिका के फ्लोरिडा में ही रहते हैं। विक्रांत जावला ने बताया कि अभिषेक इरिक्शन कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं। शनिवार को उनसे फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा कि तूफान की वजह से पूरा शहर खाली कर दिया गया है। वह भी 800 किलोमीटर तक 20 घंटे ड्राइविंग करके अटलांटा पहुंचे। वहां अमेरिकन तेलगू एसोसिएशन एनजीओ संचालक के यहां शरण ली। इस एनजीओ को हैदराबाद का एक परिवार चलाता है, जिन्होंने ऑनलाइन यह मेसेज डाल रखा था कि यदि कोई भारतीय फ्लोरिडा से शिफ्ट हो रहा है, तो वह उनके यहां आकर रह सकता है। इसकी जानकारी होने पर ही अभिषेक और पारुल अपनी बेटे आर्यन और बेटी अरना के साथ उनके घर पहुंच गए। इनके अलावा भी शामली के कई परिवारों के रिश्तेदार अमेरिका में है, जिसके चलते वह परिवार अपने रिश्तेदारों से फोन पर कुशलक्षेम जान रहे हैं और तूफान को लेकर चिंतित हैं। कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह की चार बेटियां भी अमेरिका में हैं, जिनमें सुनीता और नंदिनी न्यू जर्सी में हैं, तो प्रियंका और नंदिता न्यूयॉर्क में रहती हैं। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने रविवार को ही अपनी बेटियों से फोन पर वार्ता कर वहां का हाल जाना। उन्होंने बताया कि न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में तूफान का कोई असर नहीं है।
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प्रीति के परिवार को भी झेलनी पड़ी परेशानी
प्रद्युमन जैन और सरिता जैन, फाइल फोटो
कस्बा कैराना के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी प्रद्युमन जैन और सरिता जैन की बेटी प्रीति जैन अमेरिका के बे सिटी में रहती हैं। उनके दामाद शशांक जैन बिजनेसमैन हैं और पेट्रोल पंप चलाते हैं। सात सितंबर को तूफान की आशंका के चलते शहर को खाली करने की सूचना प्रसारित हुई। इसके बाद प्रीति और शशांक अपने परिवार सहित मकान छोड़कर 100 किलोमीटर दूर परिचित के यहां मकान में पहुंच गए थे। वेटिकन सिटी में हालात सामान्य होने पर वापस अपने मकान में पहुंच गए हैं। प्रद्युमन और सरिता ने बताया कि प्रतिदिन आठ से दस बार अपनी बेटी और दामाद से फोन पर बातचीत कर कुशलता की जानकारी ले रहे हैं। अमेरिका में तूफान आने की वजह से बहुत चिंता बनी हुई है।
इरमा से बचने को अमेरिका में भटक रहे लाडले
अमेरिका में आए इरमा तूफान की धमक हजारों मील तक सुनाई दे रही है। वहां तूफान प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को हटा दिया गया है। कुछ ने अपने परिचितों के यहां शरण ली तो कुछ अभी सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। यहां उनके परिवारीजन चिंता में घिरे हुए हैं और फोन कर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। फ्लोरिड़ा, मियामी ,टैंपा और कैरिबियाई द्वीप सेंट मार्टिन से तूफान के खतरे को देखते हुए लाखों लोगों ने इन शहरों को खाली कर दिया है। ये सुरक्षित स्थानों पर पंहुच गए हैं। बिजनौर निवासी इंजीनियर अंशुल कुमार का हाल ही में मियामिंसबर्ग ओहायो से लगभग 1500 किमी दूर टैंपा में ट्रांसफर हुआ था। 28 अगस्त को कार्यभार ग्रहण किया था। परिवार सहित अभी मकान में ढंग से शिफ्ट भी नहीं हुए थे कि वहां के प्रशासन और कंपनी केआदेश के कारण उन्हें शहर छोड़ना पड़ा।
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