क्या इतना आसान है जेल में कुछ भी फेंकना
जिला जेल के अंदर कोई सामान फेंक गया और आराम से चला भी गया। किसी को नहीं पता कि वह कौन था। सवाल उठता है कि क्या जेल के अंदर कुछ भी फेंकना इतना आसान है। अगर ऐसा है तो जेल में हथियार आदि भी आसानी से आ सकते हैं। गुरुवार को तो जेल अधिकारियों की नजर पड़ गई। अगर नजर न पड़ती तो यह सामान बंदियों तक भी पहुंच सकता था। यह भी जांच का विषय है कि कब से ऐसा किया जा रहा है।
कोतवाली पुलिस के लिए सिरदर्द बने 67 हिस्ट्रीशीटर
कानपुर में पुलिस के साथ हुई घटना के बाद एसपी के निर्देशों पर कोतवाली पुलिस ने भी क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। पुलिस उनके बारे में हर जरूरी जानकारी जुटा रही है। कोतवाली क्षेत्र में 67 हिस्ट्रीशीटर है।
पुलिस क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों का रिकार्ड खंगालकर उनकी दैनिक गतिविधि पर भी पूरी तरह नजर रख रही है। उनके पास कितनी संपति है, यह कैसे अर्जित की गई है, क्या व्यापार कर रहे हैं, परिवार के पालन पोषण का क्या स्त्रोत है। इन सबकी बारीकी से जांच की जा रही है।
इसके अलावा पुलिस हिस्ट्रीशीटरों के खास व नजदीक रहने वाले लोगों पर भी पूरी नजर रख रही है। कोतवाल अजय शर्मा का कहना है कि क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों पर पुलिस पहले से ही पूरी नजर रखकर उनकी जांच करती रहती है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर इन लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ भी की जाती है।