शामली। जिले में प्रतिदिन मौसम में बदलाव आ रहा है। मंगलवार सुबह बूंदाबांदी हुई और शीतलहर चलने से मौसम में ठिठुरन बनी रही। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक 176 रहा।
रात में कोहरा छाया रहा तो मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। सुबह सात बजे जिले में कुछ देर तक हल्की बूंदाबांदी होने से मौसम में बड़ा बदलाव हुआा। बूंदाबांदी के साथ शीतलहर चलने से ठिठुरन बनी रही। पूरे दिन धूप न निकलने से कोहरा सा छाया रहा। लोग ठंड से बचने के लिए ऊनी व गर्म कपड़ों में लिपटे रहे और लोग घरों में ही रहे। जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकले। ठंड के कारण बाजार में भी लोगों की आवाजाही कम ही रही।
पिछले 24 घंटे में दिन के अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस कम होकर 16 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि रात का न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरकर सात डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी प्रोफेसर यूपी शाही ने बताया कि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गर्जन के साथ बूंदाबांदी और तेज हवा चलने की संभावना है।
अस्पतालों में बढ़ रहे कोल्ड डायरिया के मरीज
शामली। ठंड बढ़ने के साथ सरकारी व निजी अस्पतालों में कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़ने शुरू हो गए हैं। जिला अस्पताल में हर रोज 40 से 50 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ठंड की वजह से कोल्ड डायरिया के केस आ रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में ज्यादातर नजला, खांसी, बुखार व एलर्जी के मामले आ रहे हैं। सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है
ये बरतें सावधानी
- बच्चे को बासी भोजन न खिलाएं।
- ज्यादा ठंडे पानी को न पिलाए, गुनगुना पानी पिलाएं।
- कमरे को पूरी तरह बंद न रखे, हवा के आवागमन के लिए रोशनदान को खुला रखें।
- रात को सोते समय कमरा बंद कर हीटर या अंगीठी न जलाएं।
- साफ-सफाई का ध्यान रखे, बच्चा स्वस्थ है तो उसे दो-तीन दिन में नहलाते रहें।
- बच्चे को ठंडे पानी में न भीगने दे।
- बच्चों को गीले कपड़े न पहनाएं, अच्छी तरह सुखाए गए कपड़े पहनाएं।
- बच्चे का स्वास्थ्य खराब होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।